मोदी सांप हैं, बिच्छू हैं: मणिशंकर अय्यर

Image caption नरेंद्र मोदी गुजरात दंगों के दाग़ को धो नहीं पा रहे हैं.

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री और पार्टी के मुखर नेता मणिशंकर अय्यर के बीच एक बार फिर से ठन गई है.

कांग्रेस पार्टी गुजरात के मुख्यमंत्री को 2002 के गुजरात दंगो के मामले में भी घरेने की कोशिश कर रही है. इन दंगों में अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने के आरोप गुजरात शासन पर बार-बार लगते रहे हैं.

दिल्ली में जारी भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के दूसरे दिन अपने भाषण में नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी को 'दीमक' बुलाया जो देश को धीरे-धीरे खोखला कर रही है. उन्होंने बीजेपी को एक मिशन वाली पार्टी और कांग्रेस को कमीशन वाली पार्टी कहा, यानी घोटालों से जुड़ा राजनीतिक दल बताया.

नरेन्द्र मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मणिशंकर अय्यर ने कहा, "मोदी ने हमें दीमक बुलाया है, तो मैं तो कहता हूं कि वो एक सांप हैं, बिच्छू हैं. और ऐसे गंदे आदमी की तरफ़ से आलोचना हुई तो ये अपने आप में प्रशंसा है."

जब मीडिया ने पूर्व केंद्रीय मंत्री से कहा कि नरेन्द्र मोदी ने बीजेपी को मिशन बताया है, तो वो छूटते ही बोले, "हां, हां, मुसलमानों को मारने की पार्टी है, अक़लियतों को दबाने की पार्टी है. इस देश को तोड़ने वाली पार्टी है. ये एक ऐसी पार्टी है, जो हमारी धर्मनिरपेक्षता में विश्वास नहीं रखती."

'बीजेपी से प्रशंसा नहीं चाहिए'

उन्होंने कहा कि वो बीजेपी की तरफ़ से प्रशंसा की अपेक्षा ही नहीं करते.

मणिशंकर अय्यर ने गुजरात के मुख्यमंत्री को पूंजीपतियों की कठपुतली भी कहा.

शनिवार को दिल्ली में शुरू हुई बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पहले दिन से ही बैठक में नरेन्द्र मोदी के नाम का डंका बज रहा है.

पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने अपने भाषण में तीसरी बार गुजरात चुनाव जीतने पर नरेन्द्र मोदी की न सिर्फ़ तारीफ़ की बल्कि उन्होंने पार्टी के सभी नेतागण और बैठक में जमा हुए लोगों से कहा कि वो खड़े होकर गुजरात के मुख्यमंत्री का अभिवादन करें.

हाल में ही दिल्ली प्रदेश ईकाई के प्रमुख चुने गए विजय गोयल को तो वो अभी से प्रधानमंत्री के तौर पर दिखने लगे हैं. जिन्होंने ये तक कह डाला कि ऐसा लगता है कि देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह नहीं बल्कि नरेन्द्र मोदी हों.

संतुलन

Image caption मणिशंकर अय्यर कांग्रेस के मुखर नेताओं में शुमार किए जाते हैं.

हालांकि राजनाथ सिंह ने बाद में मामले को संतुलित करने की कोशिश करते हुए सभा में मौजूद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और छत्तीगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह की भी तारीफ़ की और कहा कि वो भी प्रदेश में होने वाले चुनावों में हैट्रिक बनाएंगे.

रविवार को दिए गए भाषण में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी ने भी हालांकि नरेन्द्र मोदी पर तारीफ़ के फूल फेंके लेकिन उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी की छवि सुषमा स्वराज में दिखी.

अटल बिहारी वाजपेयी हालांकि ख़राब स्वास्थ्य की वजह से बैठक में हिस्सा नहीं ले सके हैं लेकिन उनके नाम के बिना किसी भी बड़े नेता का भाषण पूरा नहीं हो पा रहा.

वाजपेयी को हमेशा इस बात के लिए भी श्रेय दिया जाता रहा है कि ये उनकी छवि थी जिसने अलग-अलग विचारधारा से तालुक्क़ रखने वाले राजनीतिक दलों को बीजेपी के साथ लाया.

जानकार कहते हैं कि ये एक बात है जो नरेन्द्र मोदी को पार्टी के प्रधानमंत्री पद के दावेदार चुने जाने के ख़िलाफ़ जाती है.

गुजरात दंगे

कांग्रेस भी अटल बिहारी वाजपेयी की छवि की आड़ लेकर नरेन्द्र मोदी पर वार करने से नहीं चूकी.

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने अपने ट्विट में कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री ने गुजरात दंगो के समय नरेन्द्र मोदी को राजधर्म की याद दिलाई थी.

कहा तो ये भी जाता है कि उस समय अटल बिहारी वाजपेयी नरेन्द्र मोदी का इस्तीफ़ा चाहते थे, लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया था.

संसदीय कार्य मंत्री राजीव शुक्ला ने भी कहा है कि नरेन्द्र मोदी को अटल बिहारी वाजपेयी से सबक़ लेनी चाहिए.

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