दबाव के बीच नरेंद्र मोदी का भाषण हुआ रद्द

नरेंद्र मोदी
Image caption दंगों के बाद से अब तक अमरीका ने मोदी को अपना वीजा नहीं दिया है

अमरीका में व्हार्टन इंडिया इकॉनोमिक फोरम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के अहम भाषण को रद्द कर दिया गया है.

माना जा रहा है कि कई वर्गों से पड़े दवाब के बीच ये फैसला किया गया है.

फोरम ने अपने बयान में कहा है, “हम किसी तरह के राजनीतिक विचारों का समर्थन नहीं करते हैं और किसी विशेष विचार धारा की हिमायत भी नहीं करते. हमारा उद्देश्य सिर्फ एक टीम के तौर पर भारत की आर्थिक वृद्धि पर एक सार्थक संवाद को बढ़ावा देना है.”

अमरीका के फिलाडेल्फिया राज्य में 22 से 23 मार्च तक होने वाले इस फोरम को मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करने वाले थे.

लेकिन अब फोरम के बयान में कहा गया है, “अब व्हार्टन इंडिया इकॉनमिक फोर्म में मोदी के अहम भाषण को रद्द कर दिया गया है.”

मोदी का विरोध

ये फोरम एक सालाना आयोजन है जिसे व्हार्टन स्कूल ऑफ फिलाडेल्फिया यूनिवर्सिटी कराता है. इसके आयोजन में छात्रों की अहम भूमिका होती है.

फोरम के बयान में कहा गया है कि छात्र संस्था मोदी के कामों, शासन की विचारधाराओं और नेतृत्व के बहुत प्रभावित है और इसलिए उन्हें फोरम को संबोधित करने का निमंत्रण दिया गया था.

फोरम के अनुसार वो वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए मोदी को संबोधन को आमंत्रित किए जाने के फैसले पर कायम है. लेकिन उनके मुताबिक़, “हम मानते हैं कि (उनके संबोधन को रद्द करने का) ये फैसला बहुत से भागीदारों की प्रतिक्रियाओं को देखते हुए एक उचित कदम है.”

गुजरात में 2002 में हुए दंगों के लिए मोदी की भूमिका पर अकसर सवाल उठाए जाते रहे हैं. इसी कारण अमरीका वर्षों से उन्हें अपना वीजा ना देने की नीति पर चल रहा है. वैसे हाल ही में यूरोपीय संघ के देशों ने मोदी का बहिष्कार खत्म किया है.

अब भारतीय जनता पार्टी में मोदी को प्रधानमंत्री पद के दावेदार के तौर पर देखा जाता है. रविवार को दिल्ली में संपन्न हुई भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में उन्होंने जोरदार भाषण के जरिए एक तरह से चुनावी बिगुल बजा दिया.

प्रतिष्ठित सम्मेलन

1996 में शुरू हुए व्हार्टन इंडिया इकॉनमिक फोरम को भारत पर केंद्रित सबसे बड़े और प्रतिष्ठित व्यापारिक सम्मेलनों में से एक माना जाता है जिसमें भारत में मौजूद संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा होती है.

इस बार इस सम्मेलन में केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री मिलिंद देवड़ा, अदानी समूह के गौतम अदानी, अभिनेत्री शबाना आजमी और शायर व पटकथा लेखक जावेद अख्तर को आमंत्रित किया गया है.

इससे पहले भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम, केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम, बीजेपी नेता वरुण गांधी और उद्योगपति अनिल अंबानी इन फोरम को संबोधित कर चुके हैं.

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