राजा भैया के मामले में घेरेगा विपक्ष

अखिलेश यादव
Image caption कानून व्यवस्था अखिलेश के लिए एक चुनौती बन रही है

पिछले दो दिनों में उत्तर प्रदेश के तीन जिलों में हिंसा, हत्या और पुलिस बल पर हमलों की घटनाओं से अखिलेश यादव सरकार के लिए विधानसभा में सोमवार का दिन काफी मुश्किल भरा हो सकता है.

कानून व्यवस्था के मुद्दे पर आक्रामक विपक्ष सोमवार को विधानसभा में अखिलेश यादव सरकार को घेरेगा.

इनमें सबसे सनसनीखेज और गंभीर मामला प्रतापगढ़ में पुलिस अधिकारी जिया उल हक की हत्या का है, जिसमें राज्य सरकार के एक मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल बहुजन समाज पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा है कि उनकी पार्टी इस मामले को प्रमुखता से उठाएगी.

मौर्य ने आरोप लगाया है कि एक साल के कार्यकाल में अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश को केवल 'गुंडा राज और जंगल राज' दिया है.

विपक्ष के वार

कांग्रेस नेता रीता बहुगुणा जोशी ने पुलिस अधिकारी की ह्त्या की कथित साजिश में नामजद खाद्य मंत्री रघु राज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के त्यागपत्र की मांग की है.

उन्होंने सरकार की प्रशासनिक क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा है, “प्रदेश में कानून व्यवस्था समाप्त हो गई है. इस भयावह और गंभीर घटना पर सोमवार को सदन में जवाब मांगा जाएगा.”

भारतीय जनता पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने भी इस मसले पर सरकार की कड़ी आलोचना की है.

ख़बरों के अनुसार सत्ताधारी समाजवादी पार्टी में भी प्रतापगढ़ की घटना को लेकर नाराजगी है.

संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री मोहम्मद आज़म खान ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि प्रतापगढ़ की घटना ने मुंह दिखाने लायक नही छोड़ा.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है, "सीओ हत्याकांड में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. कारण चाहे रंजिश हो या कुछ और खूनखराबे की घटना नही होनी चाहिए."

विपक्षी दलों के तेवर से लगता है कि विधानसभा में प्रश्नकाल से ही हंगामा शुरू हो जाएगा.

संबंधित समाचार