कैडबरी को 'कर चोरी' का नोटिस

कैडबरी (फ़ाइल)
Image caption पहले कैडबरी चाकलेटों में किटाणु पाए जाने की ख़बरें आई थी.

टैक्स अधिकारियों ने बहुराष्ट्रीय कंपनी कैडबरी पर कर चोरी का आरोप लगाया है.

भारतीय टैक्स अधिकारियों का कहना है कि कैडबरी ने एक नई फैक्टरी में हुए उत्पादन के संबंध में ग़लत आंकड़े पेश किए ताकि वो कर देने से बच सकें.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स का कहना है कि राजस्व विभाग ने कंपनी को एक नोटिस देकर पूछा है कि उनसे कर चोरी के ढ़ाई अरब रूपए क्यों नहीं वसूले जाने चाहिए?

एजेंसी ने विभाग के एक अधिकारी के हवाले से कहा है कर संबंधी नोटिस कंपनी को 28 फ़रवरी को भेजे गए थे, और उन्हें जवाब देने के लिए एक माह का समय दिया गया है.

कंपनी का जवाब

कंपनी ने एक बयान में कहा है, "हम आबकारी विभाग द्वारा भेजे गए कारण बताओ नोटिस पर विचार कर रहे हैं और अपने क़ानूनी सलाहकारों के सलाह मशविरे के मुताबिक़ उसका जवाब देंगे."

कंपनी ने 10 सालों के कर अवकाश स्कीम का फ़ायदा लेने के लिए उत्तर भारतीय राज्य हिमाचल प्रदेश में एक क़ारखाना खड़ा किया.

शर्त ये थी कि टैक्स स्कीम का फ़ायदा उठाने के लिए कारख़ाने को 31 मार्च 2010 तक उत्पादन शुरू करना ज़रूरी था.

कंपनी ने साल 2009 में दावा किया कि उसने पुराने क़ारख़ाने के पास एक और प्लांट लगा लिया है, और उसे इसके लिए भी कर छूट मिलनी चाहिए.

नया प्लांट

हालांकि विभाग के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि कैडबरी की दूसरी फैक्ट्री ने शर्त के मुताबिक़ मार्च 2010 तक काम शुरू नहीं किया था.

हाल में अमरीकी समाचारपत्र वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कंपनी के एक पूर्व अधिकारी के हवाले से कहा है कि नए प्लांट की बात ग़लत थी.

हालांकि कैडबरी ने समाचारपत्र में छपी ख़बर पर किसी तरह की टिपण्णी नहीं की है.

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