फ़्री लैपटॉप है गेम चेंजर: समाजवादी पार्टी

  • 12 मार्च 2013
Image caption बारहवीं पास छात्रों को लैपटॉप देने की घोषणा सपा का चुनावी वादा था

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इंटर पास छात्र-छात्राओं को लैप टॉप देने का वादा पूरा करके उन्हें तो खुश कर ही दिया है, साथ ही लोक सभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी में भी एक नये उत्साह का संचार किया है.

समाजवादी पार्टी इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बता रही है. पार्टी नेताओं का कहना है कि यह एक एक ऎसी गेम चेंजर स्कीम है, जो मध्य वर्ग में पार्टी की छवि बदलने का भी काम करेगी.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार राजधानी लखनऊ के काल्विन ताल्लुकेदार कॉलेज में एक समारोह में करीब दस हजार छात्र-छात्राओं को लैप टॉप कंप्यूटर बांटे.

अधिकारियों का कहना है कि अगले छह महीनों तक प्रदेश में करीब पन्द्रह लाख छात्रों को लैप टॉप मिलेंगे.

ये वे छात्र हैं जिन्होंने साल 2012 में किसी भी बोर्ड से इंटर पास किया हो और आगे किसी कॉलेज में अध्ययनरत हों.

इसमें छात्र के परिवार की आय, इंटर के प्राप्तांक, जाति अथवा धर्म का कोई कोटा नही है. इसलिए सभी छात्र इसके लिए पात्र हैं.

लैप टॉप वितरण के लिए एक कठिन प्रक्रिया है, जिसमें छात्रों को एक वेबसाइट पर अपना नाम दर्ज कराना होता है. तमाम छानबीन के बाद ही उनका नाम सूची में शामिल होता है. छानबीन में कॉलेज के प्रधानाचार्यों की मुख्य भूमिका है.

चुनावी घोषणा

सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में इस महात्वाकांक्षी घोषणा का वादा किया था. मुख्यमंत्री का कहना है कि लैपटॉप कंप्यूटर से गाँव में रहने वाले गरीब और किसान परिवार के छात्रों के लिए शिक्षा और रोजगार के नये द्वार खुलेंगे और गैर-बराबरी खत्म करने में मदद मिलेगी.

जलसे को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “समाजवादियों से कोई उम्मीद नही करता था कि अंग्रेजी और कंप्यूटर की बात करेंगे, लेकिन डिजिटल डिवाइड को समाजवादी पार्टी के लोगों ने समझा और उसको खत्म करने का काम समाजवादी पार्टी ने किया.”

अखिलेश यादव ने यह भी याद दिलाया कि यह लैप टॉप अंग्रेजी, हिन्दी और उर्दू में काम करने के लिए तैयार है. किसी और भाषा में चाहें तो वह भी संभव है.

मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने बताया, “लैप टॉप का पूरा उपयोग हो सके , इसके लिए मेसर्स एचपी इण्डिया लिमिटेड द्वारा कुछ अध्यापकों को बैच वार विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा.”

उन्होंने बताया कि कंपनी के साथ एक साल की गारंटी का अनुबंध किया गया है और अनुबंध की शर्तों के मुताबिक़ कंपनी को प्रत्येक तहसील में सर्विस सेंटर भी स्थापित करना होगा.

Image caption लाभार्थियों में लैपटॉप पाने की काफी खुशी थी

लैप टॉप में डिजिटल साक्षरता के साधन, कंप्यूटर के बारे में उपयोगी जानकारी, उत्पादकता के उपकरण, रोजगार विकसित करने के उपाय, कम्युनिकेशन संबंधी संसाधन, अन्य शैक्षिक संसाधन, उपयोगी वेब लिंक्स और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के नमूना प्रश्नपत्र भी लोड करके दिए गए हैं.

अंगेजी सीखने के लिए ब्रिटिश कौंसिल का पॅकेज डाला गया है.

लैप टॉप की क्वालिटी की जाँच के लिए थर्ड पार्टी को जिम्मेदारी दी गयी है.

पार्टी नेताओं का चित्र

लैप टॉप खुलने पर मुख्य मंत्री अखिलेश यादव के अलावा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव का चित्र आता है.

किसी जमाने में मुलायम सिंह यादव की छवि अंग्रेजी और कंप्यूटर विरोधी थी.

राज्यमंत्री अभिषेक मिश्र कहते हैं कि इस योजना के उत्तर प्रदेश के युवकों के लिए अपार संभावनाएं खुलेंगी. साथ ही समाजवादी के बारे में लोगों का नजरिया भी बदलेगा.

श्री मिश्र ने कहा, “हम लोग चाहते हैं कि जो लोग हमारे खिलाफ ये बात कहते रहे हैं कि ये लोग कंप्यूटर के खिलाफ हैं, अंग्रेजी के खिलाफ हैं, उनको एक जवाब मिल जाए कि हमारी मंशा सिर्फ शब्दों से नही कार्य से भी पूरी हो जाए. हम जो कहते हैं उसको पूरा करके भी दिखाते हैं.”

एक लाभार्थी छात्रा नेहा कनौजिया का कहना था कि उसके पिता कपड़ों की धुलाई का काम करते हैं. न तो उसके घर में कंप्यूटर है न पड़ोस में. इसलिए नेहा बहुत खुश थी.

इसी तरह आकांक्षा प्रजापति की खुशी का ठिकाना नही था. उसका कहना था कि लैप टॉप से उसे आगे की पढ़ाई में मदद मिलेगी.

याद दिला दें कि अखिलेश यादव सरकार ने लैप टॉप से पहले बेरोजगारी भत्ता बांटा, जिससे बारह लाख से अधिक छात्र लाभान्वित हुए.

कन्या विद्या धन योजना में भी बड़ी तादाद में लड़कियों को लाभ मिला.

अब आगे हाई स्कूल पास छात्र टेबलेट कंप्यूटर का इंतजार कर रहे हैं. यह भी समाजवादी पार्टी घोषणा पत्र का अंग है.

वरिष्ठ पत्रकार शरत प्रधान का कहना है कि इन सब योजनाओं का फोकस युवक हैं. उत्तर प्रदेश में करीब तीस फीसदी मतदाता युवक हैं. अगले लोक सभा चुनाव में उनके मन पर इन सब योजनाओं का असर रहेगा.

प्रधान कहते हैं कि इस योजना का असर मध्य और उच्च वर्ग पर भी पडेगा और समाजवादी पार्टी के बारे उनकी राय बदलेगी.

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