क्या काले धन को सफेद करते हैं बैंक?

अनिरुद्ध बहल
Image caption कोबरा पोस्ट के संपादक अनिरुद्ध बहल ने कहा कि यह ऑप्रेशन एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक में किया गया है.

एक ऑनलाइन मैग्ज़ीन कोबरा पोस्ट डॉट कॉम ने दावा किया है कि उसने एक स्टिंग ऑपरेशन किया है जिसमें यह साबित होता है कि देश के कई बड़े निजी बैंक काले धन को सफेद करने में मदद कर रहे हैं.

उसका आरोप है कि देश के कुछ बड़े बैंक काला धन नकद में लेते हैं और उसे बीमा और सोने में निवेश करते हैं ताकि वो सफेद हो पाए.

दिल्ली में प्रेस कांफ्रेस करते हुए कोबरा पोस्ट के संपादक अनिरुद्ध बहल ने कहा, ''यह ऑपरेशन देश के कई शहरों में तीन बैंक यानी एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक में किया गया है.''

पोस्ट ने इसके बारे में वीडियो भी दिखाए जिसके सही होने की पुष्टि बीबीसी नहीं कर रहा है.

बैंको की सफाई

अपनी सफाई देते हुए आईसीआईसीआई बैंक ने कहा है कि उसने मामले की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति बना दी है जो दो हफ़्तों में अपनी रिपोर्ट देगी.

उधर एचडीएफसी बैंक का कहना है कि वो इस पर अपनी प्रतिक्रिया बाद में देगा.

कोबरा पोस्ट का दावा है कि इस स्टिंग में उनके रिपोर्टर ने इन बैंकों के अधिकारियों से यह कह कर संपर्क साधा कि उसे एक नेता के करोड़ों रुपए के काले धन को सफेद कराना है.

पोस्ट के मुताबिक बैंक अपनी शाखाओं में काले धन को अपनी विभिन्न निवेश योजनाओं में लगाते हैं और इसके लिए वो अकाउंट खोलते हैं.

बिना पैन कार्ड

यह भी आरोप लगाया गया है कि बिना रिजर्व बैंक के नियमों की परवाह किए पैन कार्ड के बगैर ही खाते खोले जा रहे हैं.

कोबरा पोस्ट का यह भी आरोप है कि ग्राहक के काले धन को कई टुकड़ों में बांट कर बैंक में जमा किया जाता है.

ये भी आरोप है कि बैंक कालेधन को सफेद में बदलने के लिए बेनामी अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं और कालेधन को खपाने के लिए दूसरे ग्राहकों के अकाउंट का इस्तेमाल होता है.

आईसीआईसीआई बैंक का कहना है कि वो अपने कारोबार में नियम कायदों का पालन करता है. उसका कहना है कि उसने मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी बना दी है जो दो सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी.

एचडीएफसी ने कहा है कि इन आरोपों में दम नहीं है और वो बाद में अपना पक्ष रखेंगे.

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