देश छोड़कर न जाएँ इटली के राजदूत: सुप्रीम कोर्ट

Image caption इतालवी नौसैनिक मामले में भारत ने अपना रुख और कड़ा कर लिया है

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने इटली के राजदूत को निर्देश दिया है कि वो देश छोड़कर न जाएँ. दरअसल इटली ने उन दो इतालवी नौसैनिकों को भारत वापस भेजने से मना कर दिया है जिन पर भारतीय मछुआरों की हत्या का आरोप है.

इसी के बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है. गुरुवार को कोर्ट ने इटली के राजदूत को नोटिस दिया. उन्हें जवाब देने के लिए 18 मार्च तक का समय दिया गया है.

इतालवी नौसैनिक मामले में भारत ने अपना रुख और कड़ा करते हुए कहा है कि इटली के साथ संबंधों पर पुनर्विचार कर रहा है.

नौसैनिकों को वापस भेजने से इटली के इनकार के बाद बुधवार को भारतीय प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने इटली के इस कदम को अस्वीकार्य बताया था.

संबंधों पर पुनर्विचार

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दी ने बताया, “हमने इटली के साथ द्विपक्षीय संबंधों की पड़ताल शुरू कर दी है.इस आंतरिक प्रक्रिया के बाद हम सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए ही अगला कदम उठाएंगे.”

प्रवक्ता ने इस सवाल पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि इतालवी नौसैनिकों को चुनाव में भाग लेने के लिए इटली क्यों जाने दिया गया.

इटली के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता में जाने के बयान पर प्रवक्ता ने कहा कि इटली को भारतीय उच्चतम न्यायालय में दिए गए वायदे पर कायम रहना चाहिए।

उन्होंने कहा, “दो देशों के द्विपक्षीय संबंधों या अंतरराष्ट्रीय कानून का पहला कदम ये होता है कि आप अपने अनुबंधों का सम्मान करें. इटली से हम इसी की उम्मीद करते हैं."

हमारा आधार मजबूत : इटली

दूसरी ओर इटली का कहना है कि इतालवी नौसैनिकों के भारत न लौटने के मसले पर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता में जाने के लिए उसके पास मज़बूत कानूनी अधिकार है.

येरुशलम पहुंचे इटली के विदेश मंत्री गियुलियो टेरज़ी ने कहा, “कानूनी रूप से हमारे पास अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की दिशा में बढ़ने के मजबूत कारण हैं.

मीडियो रिपोर्टों के अनुसार इटली विदेश मंत्री ने कहा, “भारत सरकार को हमारे पक्ष के बारे में पर्याप्त जानकारी दे दी गई है.”

संयुक्त राष्ट्र की अपील

संयुक्त राष्ट्र ने भारत और इटली से दो इतालवी नौसैनिकों के मामले के शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून के प्रवक्ता ने बताया कि महासचिव ने दोनों देशों से अपील की है कि मामले का समाधान शांतिपूर्ण ढंग से और अंतरराष्ट्रीय कानूनों को ध्यान में रखकर करें.

उधर दिल्ली में भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले में इटली के दिल्ली में राजदूत डेनियल मंचिनी को भारत न छोड़ने का आदेश दिया है.

इसके ही साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इटली के राजदूत को नोटिस भी जारी कर मार्च 18 तक इस मामले में जवाब देने को कहा है.

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