इटली के राजदूत भारत ना छोड़ें: सुप्रीम कोर्ट

  • 14 मार्च 2013
Image caption इटली के नौसैनिकों को वापस नहीं भेजने के फ़ैसले पर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने इतालवी मरीन मामले में एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए इटली के दिल्ली में राजदूत डेनियल मंचिनी को भारत न छोड़ने का आदेश दिया है.

इस आदेश के ही साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इटली के राजदूत को नोटिस भी जारी कर मार्च 18 तक इस मामले में जवाब देने को कहा है.

भारत के विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि भारत सरकार ने अदालत को अपनी बात से अवगत करा दिया है.

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद खुर्शीद ने दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, " इस मामले में कदम उठाने के पहले इटली और भारत के बीच कूटनीतिक संबंधों के कई पहलुओं पर नज़र रखना होगा लेकिन भारत के लोगों की भावनाएं सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं."

इसके पहले

बुधवार को भारत सरकार ने इतालवी दूतावास के अधिकारियों को देर शाम में तलब कर इटली सरकार के इतालवी नौसैनिकों को भारत भेजे जाने से इनकार किए जाने के फ़ैसले पर भारत सरकार की राय से अवगत करा दिया था.

भारत के विदेश सचिव रंजन मथाई ने उसके बाद कहा था, “हमने उनसे कहा कि इटली सरकार का फ़ैसला हमें स्वीकार्य नहीं है. इटली सरकार को अपने वादे के मुताबिक इतालवी नौसैनिकों को वापस भारत भेजना चाहिए.”

विदेश सचिव के मुताबिक इटली के राजनयिकों ने ये संदेश वहां की सरकार तक पहुंचाने की बात कही है.

प्रधानमंत्री का दखल

इससे अलावा इटली सरकार के इतालवी नौसैनिकों को भारत भेजे जाने से इनकार किए जाने से उठे हंगामे पर प्रधामनमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि वे इस मसले को इटली के सामने उठाएंगे ताकि भारत के दो मुछाआरों की हत्या के मामले में अभियुक्त बनाए गए इतालवी नौसैनिकों को भारत लाया जा सके.

इस मामले में केरल के वामपंथी सांसदों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी. वामपंथी सांसदों का कहना था कि मनमोहन सिंह ने इटली के फ़ैसले को अस्वीकार्य बताया.

क्या है मामला

कोच्चि के के समुद्री तट पर इतालवी तेल टैंकर की निगरानी कर रहे दो नौसैनिकों ने भारतीय मुछआरों को समुद्री लुटेरा समझकर गोलियां चलाईं थीं.

इस हादसे में दो मछुआरों की मौत हो गई थी. इन दोनों इतालवी नौसैनिकों को पिछले साल हिरासत में लिया गया था.

हत्या के मामले में अभियुक्त बनाए गए इन नौसैनिकों को सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी माह में चार सप्ताह के लिए अपने देश जाने की इजाजत दी थी.

नौसैनिकों को इटली में आम चुनाव के दौरान मतदान करने के लिए ये अनुमति दी गई थी.

इससे पहले क्रिसमस की छुट्टियों के दौरान भी इन्हें अपने देश जाने दिया गया था, तब ये लौट आए थे.

लेकिन सोमवार को इतालवी सरकार ने ये कहा कि नौसैनिक मामले की सुनवाई के लिए दिल्ली नहीं लौटेंगे और हम अंतरराष्ट्रीय स्तर की मध्यस्थता के लिए तैयार हैं.

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