कब चलेगा बिहार की नवरुणा का पता?

नवरुणा
Image caption जंतर-मंतर पर छह महीने से लापता एक 12 साल की लड़की के लिए विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है

दिल्ली के रामलीला मैदान में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक ओर राज्य को विशेष राज्य का दर्ज़ा दिलाने की मांग को लेकर पूरी जोर-आजमाइश के साथ रैली आयोजित कर रहे हैं, वहीं इस इलाके से कुछ दूरी पर मौजूद जंतर-मंतर पर भी बिहार के लोग जुटे हैं लेकिन यहां का मंजर बिल्कुल अलग है.

जंतर-मंतर पर बिहार के लोग करीब छह महीने से लापता एक 12 साल की छात्रा नवरुणा के लिए प्रर्दशन कर रहे हैं.

मुज़फ्फरपुर की नवरुणा पिछले साल 18 सितंबर को लापता हो गई थी उस दिन के बाद से अब तक उनका कहीं पता नहीं चल पाया है.

सीबीआई करे जांच

नवरुणा के पिता अतुल्य चक्रवर्ती ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है.

इस अपहरण मामले में देश के शीर्ष न्यायालय ने भी बिहार सरकार और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था. दिल्ली के कुछ छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके निर्देश देने का आग्रह किया गया था.

जंतर-मंतर पर मौजूद दिल्ली विश्वविद्यालय के एक छात्र अभिषेक रंजन अपना रोष जताते हुए कहते हैं, “राज्य पुलिस की पूरी कार्रवाई ही संदेह के घेरे में है. फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट एक महीने में आने से ही आशंका बढ़ती है.”

उन्हें इस बात की भी शिकायत है कि राज्य सरकार का कोई नुमाइंदा लड़की के परिवार से मिलने नहीं गया.

उनका कहना है कि नवरुणा के पिता ने हाल में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर भी गुहार लगाई है.

रहस्य बरकरार

इस मामले में इस क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पाण्डेय ने कहा था कि नवरुणा के घर के पास जो कंकाल मिला था, उसकी फ़ोरेंसिक जांच-रिपोर्ट से पता चला कि यह कंकाल 13 से 15 साल की लडकी का कंकाल है. उन्होंने नवरुणा के पिता के खून के नमूने लेकर डीएनए टेस्ट कराने की ताक़ीद भी दी थी.

लेकिन नवरुणा के पिता ने कंकाल की फ़ोरेंसिक जांच में घालमेल की आशंका ज़ाहिर करते हुए किसी डीएनए जांच से इनकार कर दिया था.

पुलिस ने इस मामले का संबंध नवरुणा के पिता और परिजनों द्वारा आवासीय भूखंड की खरीद-बिक्री के विवाद से भी जोड़ा था. इस बाबत तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था.

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