इतालवी राजदूत से ये उम्मीद नहीं थी: सुप्रीम कोर्ट

Image caption कोर्ट ने इटली के राजदूत को राहत देने से फिलहाल इंकार कर दिया

भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने इटली के राजदूत को एक बार फिर झटका देते हुए कहा है कि उन्हें अगले नोटिस तक भारत में ही रहना होगा.

पिछले दिनों इटली ने उन दो इतालवी नौसैनिकों को भारत वापस भेजने से मना कर दिया था जिन पर भारतीय मछुआरों की हत्या का आरोप है.

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इतालवी राजदूत डैनियल मानचिनि को देश न छोड़ कर जाने का निर्देश दिया था, जिसके बाद सभी एयरपोर्ट को आदेश दिए गए कि वे राजदूत को देश के बाहर यात्रा न करने दें.

सोमवार को कोर्ट में इतालवी राजदूत ने दलील दी कि वियना कन्वेन्शन के तहत उनके खिलाफ राजनयिक तौर पर कोई कदम नहीं उठाया जा सकता.

लेकिन भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने उनकी ये दलील मानने से इंकार कर दिया और कहा कि वे कोर्ट का विश्वास खो चुके हैं.

साथ ही कोर्ट ने निराशा जताते हुए कहा कि उन्हें इतालवी राजदूत से ये उम्मीद नहीं थी कि वे अपने वायदे से मुकर जाएंगें.

मुकर गए राजदूत

Image caption दो इतालवी नौसैनिकों पर भारतीय मछुआरों की हत्या का आरोप है

दरअसल जब इतालवी नौसैनिकों को अपने देश कुछ समय के लिए जाने की इजाज़त दी गई थी, तब इटली के राजदूत ने लिखित में वायदा किया था कि वे उन पर चल रहे मुकदमे का सामना करने भारत लौट आएंगें.

लेकिन इटली ने अपने नौसैनिकों का पक्ष लेते हुए कह दिया था कि वे उन्हें वापस भारत नहीं भेजेंगें.

राजदूत डैनियल मानचिनि की मंशा पर सवालिया निशान लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि वे ये जानना चाहते हैं कि वे कोर्ट के आदेश का पालन भी करेंगें या नहीं.

अब इस मामले में अगली सुनवाई दो अप्रैल को होगी. कोर्ट ने कहा कि इतालवी नौसैनिकों के पास अब भी 22 मार्च तक भारत लौटने की मोहलत है और उन्होंने कोर्ट के आदेश की अवमानना नहीं की है.

मामले में भारतीय पक्ष रखते हुए अटॉर्नी जनरल जी ई वहानवती ने कहा कि विदेश मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय दायित्व के बारे में जानता है.

इस बीच इतालवी नौसैनिक मामले में भारत ने अपना रुख और कड़ा करते हुए कहा था कि इटली के साथ संबंधों पर पुनर्विचार कर रहा है.

नौसैनिकों को वापस भेजने से इटली के इनकार के बाद भारतीय प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने इटली के इस कदम को अस्वीकार्य बताया था.

दूसरी ओर इटली का कहना है कि इतालवी नौसैनिकों के भारत न लौटने के मसले पर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता में जाने के लिए उसके पास मज़बूत कानूनी अधिकार है.

दोनो देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने भारत और इटली से दो इतालवी नौसैनिकों के मामले के शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है.

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