'दाऊद आज़ाद मुन्ना बर्बाद'

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Image caption डीएनए ने 'टेररिस्ट' की जगह जानबूझ कर 'एर्रोरिस्ट' शब्द का इस्तेमाल किया गया है.

अगर दिल्ली वाले आज के मुंबई के सभी अख़बार पढ़ें तो उन्हें महसूस होगा यहां की मीडिया को संजय दत्त से हमदर्दी है और शायद आज के अखबार अधिकतर मुंबईवासियों के विचार प्रकट कर रहे हैं.

गुरुवार को 1993 के सिलसिलेवार बम धमाकों के मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने 98 लोगों पर फैसला सुनाया जिनमें याकूब मेमन जैसे लोग भी शामिल थे लेकिन इसके बावजूद आम लोग ट्रेनों, कैफ़े, सड़कों और बाज़ारों में संजय दत्त की ही चर्चा कर रहे थे.

बॉलीवुड में मातम छा गया था और उनके प्रशंसक उनसे सहानुभूति का इज़हार कर रहे थे. आज के अख़बारों का झुकाव भी 'मुन्ना भाई' की तरफ नज़र आ रहा है. अंग्रेजी अख़बार डीएनए की सुर्खी दिलचस्प है जिसमें 'टेररिस्ट' की जगह जानबूझ कर 'एर्रोरिस्ट' शब्द का इस्तेमाल किया गया है.

इस हैडलाइन का मतलब ये निकाल जा सकता है कि संजय दत्त से भूल चूक हुई थी लेकिन वो कोई आतंकवादी नहीं थे. सुर्खी में उनके जेल वापस जाने से बॉलीवुड के 100 करोड़ रूपए के संभवता नुकसान पर खबर छापी गयी है.

इस कहानी के साथ अख़बार के पहले पन्ने पर संजय दत्त पर दो और कहानियां हैं जिसमें इस बात को लेकर चर्चा है कि अब संजय दत्त के पास क्या विकल्प है और दूसरा ये कि उन्हें अदालत के फैसले की जानकारी 24 घंटे पहले ही मिल गयी थी.

जेल में मिलेंगे 25 रुपए

मुंबई के लोकप्रिय अखबार मिड डे ने भी फोकस संजय दत्त पर किया है. पहली सुर्खी कहती है संजय दत्त की जेल जाने से बचने की उम्मीद नहीं है, दूसरी कहानी में कहा गया है कि संजय एक फिल्म में काम करने के लिए तीन से पांच करोड़ रूपए लिया करते थे. अब जेल में उन्हें हर दिन केवल 25 रूपए ही मिला करेंगे.

संजय दत्त पर मिड डे की एक और खबर में विद्या बालन, रनबीर कपूर और फरहान अख्तर को उनके घर जाते हुए तस्वीरों में दिखाया गया है.

अंग्रेजी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स ने अपनी सुर्खी में संजय दत्त को शामिल नहीं किया है. अख़बार लिखता है 98 लोगों को सज़ा सुनाई गई लेकिन बड़ी मछिलयां अब भी आज़ाद हैं. अख़बार के अनुसार इन हमलों की साज़िश करने वाले दाऊद इब्राहिम उनके भाई और टाइगर मेमन अब भी आज़ाद हैं. लेकिन अख़बार के पहले पन्ने पर बॉलीवुड के अभिनेता पर दो अलग से कहानियां भी लखी गयी हैं.

नव भारत टाइम्स ने अदालत के फैसले पर सुर्खी तो लगाई है साथ ही 'सर्किट' यानी अर्शद वारसी का संजय दत्त के बारे में एक इंटरव्यू भी छापा है. इसकी सुर्खी है मुन्ना के बिना सर्किट कुछ नहीं. इस इंटरव्यू में अर्शद वारसी ने संजय दत्त से हाल में हैदराबाद में हुई मुलाक़ात का हवाला दिया जहां वो अपने परिवार वालों के साथ गए हुए थे. अर्शद का कहना था मुन्ना भाई अब परिवार के साथ समय बिताना पसंद करते हैं. बॉलीवुड के दूसरे अभिनेताओं की तरह अर्शद भी संजय दत्त की तारीफ़ करते नहीं थक रहे थे.

शिव सेना पत्रिका सामना ने सुर्खी दी है, 'दाऊद आज़ाद मुन्ना बर्बाद'.दोनों की तस्वीरें भी कहानी के साथ लगी हैं.अख़बार ने दावा किया कि अपनी सांसद बहन प्रिय दत्त की उपस्थिति में फैसला सुनने के बाद 'संजय दत्त मायूस हो गए'. अख़बार ने आगे खबर दी कि संजय खबर सुन कर हिल गए लेकिन कहा 'दूसरों का नुकसान नहीं होने दूंगा।

सामना ऐसा अकेला अख़बार था जिसका फोकस संजय दत्त से अधिक बम कांड सर्गना दाऊद इब्राहिम पर था और उसकी ग़ैर हाजरी के कारण उस पर मुक़दमा तो नहीं चला लेकिन अदालत ने दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन को बम धमाकों की योजना बनाने का दोषी पाया

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