'भगवान दर्शन' की चाह में परिवार को 'मार डाला'

फाइल
Image caption धर्म के नाम पर अंधविश्वासी परंपराओं के कई उदाहरण देखने को मिलते रहे हैं.

राजस्थान में एक परिवार के मुखिया की साक्षात ‘प्रभु मिलन’ की चाह की सनक ने घर के पांच लोगों को मौत की नींद सुला दिया.

अभी घर के तीन लोग अस्पताल में जिन्दगी और मौत के बीच झूल रहे है. पुलिस को मौके से घटना का वीडियो फुटेज मिला है जिसमे मामले का ब्यौरा दर्ज होने की बात कही जा रही है.

इस हादसे से सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर सिटी कस्बे में होली के रंग में भंग पड़ गया और शोक की लहर छा गई.

यह घटना सोमवार और मंगलवार के बीच की रात को गंगापुर कस्बे के नसिया कालोनी में हुई.

पुलिस के मुताबिक मरने वालों में घर के मुखिया कंचन सिंह राजपूत भी शामिल है. वे पेशे से फोटोग्राफर थे.

कंचन सिंह राजपूत ने इस पूरी घटना को अपने कैमरे में भी कैद किया ताकि कैमरा गवाह रहे कि प्रभु भक्त से मिलने आए थे.

मरने वालो में खुद कंचन सिंह (43 साल), पत्नी नीलम (40), पुत्र प्रद्युमन(12), पुत्री ड्रीमी (16) और भाई दीप सिंह 40 शामिल है.

मौके पर अचेत मिली कंचन की माँ भगवती (70 साल), भतीजा लव सिंह (11) और भांजी रश्मि (22 साल) को बेहद नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

'भगवान दर्शन देंगे'

इनमें भगवती और लव सिंह की हालत बहुत गंभीर बनी हुई है. उन्हें इलाज के लिए जयपुर भेज गया है.

पुलिस के मुताबिक कंचन ने कल रात घर में परिवार के साथ पूजा की और प्रसाद के मिष्ठान में ज़हर मिला दिया. इस प्रसाद का सेवन करने के बाद सभी एक- एक कर बेहोश हो गए.

सवाई माधोपुर की पुलिस अधीक्षक परम ज्योति ने फोन पर बताया,"कंचन ने कल रात घर वालों से कहा कि भगवान् के दर्शन के बिना जीवन व्यर्थ है. 'भगवान दर्शन देंगे', यह कहते हुए उसने सभी को प्रसाद बांटा और कहा अगर जीवन पर संकट आएगा तो प्रभु खुद बचाने आयेंगे, हमारा उनसे साक्षात्कार होगा, कंचन सिंह ने इसकी वीडियो क्लिप भी बनाई है."

पुलिस ने मौके से कैमरा और कैमरा चलने में काम आने वाला ट्राई पोड भी बरामद किया है.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया,"हम कैमरे में दर्ज घटना की विवेचना कर रहे हैं, इसके लिए कानून के जानकारों की मदद ले रहे है."

अंधविश्वास?

इस अजीबोगरीब घटना का पता तब लगा जब अचेत हुई रश्मि की चेतना आधी रात को वापस लौटी और उसे उलटियां होने लगीं.

रश्मि ने देखा घर में और लोग भी बेहोश थे और उन्हें मितली आ रही थी. इसके बाद उसने पहले एम्बुलेंस के लिए अस्पताल फोन करने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी.

हिम्मत जुटा कर रश्मि ने पड़ोसियों के घर पर दस्तक दी. पड़ोसियों ने पुलिस को बुलाया और सभी को अस्पताल ले जाया गया.

लेकिन इस दौरान परिवार के तीन सदस्यों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और चौथे सदस्य की भी मौत हो गई. बाद में अस्पताल में परिवार के पांचवें सदस्य की भी मृत्यु हो गई.

क्या यह अंधविश्वास की घटना है?

इस सवाल के जवाब में सवाई माधोपुर की पुलिस अधीक्षक ज्योति कहती है यह देखना पड़ेगा कि यह अंधविश्वास है या वह व्यक्ति मानसिक रोगी था.

बहरहाल होली के मौके पर इस घटना से पूरे इलाके में दुःख की लहर छा गई है.

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