किन 5 तरीकों से होली पहुंचा सकती है नुकसान

रंगों
Image caption डॉक्टर कहते हैं कि रसायन वाले रंगों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए

साल भर आप रंगों के त्योहार होली का इंतज़ार करते हैं लेकिन जाने अनजाने आप खुद को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं.

दिल्ली स्थित त्वचा के विशेषज्ञ डॉक्टर अतुल कोछड़ और इएनटी विशेषज्ञ डॉ रवि मेहर का मानना है कि अगर सावधानी न बरती जाए रंगों में मौजूद रसायनिक पदार्थों की वजह से कई खतरनाक बीमारियां लग सकती हैं जिनके बारे में नीचे बताया जा रहा है.

वे कहते हैं कि रसायन वाले रंगों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. हर्बल या ऑरगेनिक रंगों के इस्तेमाल का सुझाव देते हैं.

खारिश या जलन

डॉक्टर अतुल कोछड़ का कहना है कि कुछ रंग जब त्वचा के संपर्क में आते हैं तो वो उसी समय या उसके ठहरने या उसे ज़ोर से रगड़ने के कुछ देर बाद खारिश या जलन पैदा करते हैं.

ऐसे भी मामले आते हैं जब कुछ लोग रंगों के नुकसान से बचने के लिए त्वचा पर काफी तेल लगा लेते हैं. इससे रंगों से होने वाले नुकसान से तो आप बच जाते हैं लेकिन तेल का जमाव काफी नुकसान पहुंचा सकता है.

त्वचा पर सफेद धब्बे

त्वचा के विशेषज्ञ डॉक्टर अतुल कोछड़ का कहना है कि कई बार होली में ल्यूकोडर्मा के काफी मामले देखने में आते है. इस बीमारी में चेहरे या त्वचा पर सफेद धब्बे हो जाते हैं जो हटाने इतने आसान नहीं होते. कई बार इन्हें हटाने के लिए ग्राफटिंग या लेज़र जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करना पड़ता है.

कान के परदे फटने का डर

रंग कान के अंदर जा सकते हैं जिससे खारिश हो सकती है. इससे एलर्जी हो सकती है. कई बार कोई गुब्बारे खेलते हुए कान पर चोट लग सकती है और कान के परदे फट सकते हैं.

नाक और आंख में एलर्जी

इएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर रवि मेहर कहते हैं कि रंगों के नाक और आंखों के अंदर प्रवेश करने से एलर्जी हो सकती है. इससे संक्रमण हो सकता है. छींकें आ सकती हैं.

बालों का उड़ना

डॉक्टर अतुल कोचर के अनुसार कई लोग पक्के रंग या पॉलिश का इस्तेमाल करते हैं जो बालों से आसानी से नहीं जाते. रंगों को हटाते समय कई बार बालों की सुरक्षा करने वाली परत उतर जाती है जिससे बालों को पक्का नुक्सान भी हो सकता है. कई बार तो बाल ही उड़ जाते हैं और आसानी से वापस नहीं आते.

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