मुलायम सरकार से समर्थन वापस ले सकते हैं: मनमोहन

मनमोहन-करूणानिधि
Image caption तमिलनाडु के राजनीतिक दल डीएमके ने हाल में ही मनमोहन सिंह सरकार से समर्थन वापस लिया है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि 'इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता' है कि समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले सकते हैं.

लेकिन उन्होंने यक़ीन जताया कि उनकी सरकार को किसी तरह का ख़तरा नहीं है और वो अपना कार्यकाल पूरा करेगी.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने कहा है कि मनमोहन सिंह ने डरबन से लौटते हुए अपने विशेष विमान में पत्रकारों से ये बातें कहीं.

भारतीय प्रधानमंत्री दक्षिण अफ्रीका में हुए पांच मुल्कों - भारत, चीन, रूस, दक्षिण अफ़्रीका और ब्राज़ील के समूह ब्रिक्स के सम्मेलन में शामिल होकर दिल्ली वापस आ रहे थे.

गठबंधन

मनमोहन सिंह ने कहा, "ये सच है कि अकसर गठबंधन में उठे मुद्दों को लेकर लगता है कि सरकार स्थिर नहीं है. इसलिए मैं इस तरह की संभावना से इंकार नहीं कर सकता. लेकिन मुझे इस बात का यक़ीन है कि हमारी सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी. और अगले आम चुनाव समय पर ही होंगे."

आर्थिक सुधारों से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि उसमें किसी तरह की बाधा नहीं आएगी.

केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह ने पिछले चंद दिनों में बार-बार अपने कांग्रेस के ख़िलाफ़ कड़े जुम्लों का प्रयोग किया है.

दो दिनों पहले उन्होंने कांग्रेस को 'धोखेबाज़ और शातिर' कहा था.

'अपने लिए रास्ता'

मुलायम सिंह ने हाल में भारतीय जनता पार्टी नेता लाल कृष्ण आडवाणी की भी तारीफ़ की. हालांकि उन्होंने कहा कि अगले आम चुनाव के बाद केंद्र में न तो कांग्रेस के नेतृत्व वाली और न ही भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार बनेगी.

राजनीतिक विश्लेषक उर्मिलेश ने बीबीसी से कहा कि मुलायम सिंह अगले आम चुनाव में बड़ी भूमिका निभाना चाहते हैं और इन बयानों को उसकी तैयारी के तौर पर देखा जाना चाहिए.

उनका कहना था कि जिस तरह कांग्रेस बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नज़दीकियां बढ़ा रही है, उसके मद्देनज़र मुलायम सिंह यादव आडवाणी की तारीफ़ कर रहे हैं ताकि अगर ज़रूरत पड़े तो बीजेपी में उन्हें कम से कम बाहर से समर्थन देने का पुरज़ोर विरोध न हो.

लेकिन उर्मिलेश का कहना था कि इस स्थिति तक पहुंचने के लिए मुलायम सिंह को पहले अपनी सीटें बढ़ानी होंगी और इसलिए मुलायम सिंह चाहते हैं कि आम चुनाव जल्द से जल्द हो ताकि उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी की मौजूदा सरकार के खिलाफ़ सत्ता विरोधी लहर ज़ोर न पकड़ सके.

संबंधित समाचार