बेनी और मुलायम के बीच वाक युद्ध फिर तेज़

Image caption बेनी प्रसाद वर्मा एक समय में मुलायम के सबसे खास सहयोगी थे.

बेनी प्रसाद वर्मा और मुलायम सिंह यादव के बीच वाक युद्ध ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. बेनी प्रसाद ने मुलायम सिंह पर ताज़ा हमला करते हुए उन पर बाबरी मस्जिद विध्वंस के दौरान मुसलमानों को धोखा देने का आरोप लगाया है.

उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की है कि आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी चार से अधिक सीटें नहीं जीत पाएगी. इस पर टिप्पणी करते हुए समाजवादी पार्टी के नेता और मुलायम सिंह यादव के भाई राम गोपाल यादव ने कहा है कि सोनिया गाँधी ने मुलायम सिंह यादव से बेनी प्रसाद वर्मा के पहले दिए गए बयानों के लिए माफ़ी मांगी थी और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का वादा किया था.

बहुजन समाज पार्टी में जाने की तैयारी ?

समाजवादी पार्टी के महासचिव रोम गोपाल वर्मा ने यह भी कहा है कि हो सकता है कि बेनी प्रसाद वर्मा कांग्रेस से निकल कर बहुजन समाज पार्टी में जाने की भूमिका बना रहे हों. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कांग्रेस इसको नहीं समझ पा रही तो उसको इसकी भारी क़ीमत चुकानी पड़ सकती है.

उनका कहना था, ''कांग्रेस को उनकी पार्टी के समर्थन को हमेशा के लिए मान कर नहीं चलना चाहिए. प्रधानमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि हम समर्थन वापस ले सकते हैं. हम भी यह कह सकते हैं कि ऐसा संभव है. हमें यह देखना होगा कि हम गालियों और आरोपों के बदले इस सरकार का कब तक समर्थन कर सकते हैं.''

बेनी प्रसाद वर्मा के ताज़ा हमले से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के संबंधों में फिर दरार आने का संकट खड़ा हो गया है.

एक ज़माने में बेनीप्रसाद, मुलायम सिंह यादव के काफ़ी क़रीबी सहयोगी हुआ करते थे. लेकिन फिर वह कट्टर प्रतिद्वंदी हो गए और बेनी प्रसाद कांग्रेस में चले गए.

यूपीए समाजवादियों पर निर्भर

बेनी इससे पहले मुलायम सिंह यादव पर 'आतंकवादियों' से संबंध रखने का आरोप लगा चुके हैं. समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे पर संसद में काफ़ी हंगामा किया था. मामला सब नियंत्रण में आया था जब स्वयं सोनिया गांधी ने इस मामले पर मुलायम सिंह यादव से माफ़ी मांगी थी.

केंद्र की यूपीए सरकार बहुमत के लिए समाजवादी पार्टी के 22 सांसदो पर पूरी तरह से निर्भर है. पिछले सप्ताह मुलायम सिंह एक से अधिक बार कह चुके हैं कि वह अपने समर्थन पर फिर से पुनर्विचार कर सकते हैं.

वह अपने दल के कार्यकर्ताओं से भी कहते रहे हैं कि उन्हें समय से पहले चुनाव के लिए तैयार रहना चाहिए.

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