अप्रैल फूल के दिन सोशल मीडिया पर सावधान

नरेन्द्र मोदी, राहुल गांधी

भारतीय राजनीति में अगर इस समय किसी मुद्दे पर सबसे अधिक बहस होती है तो वो है नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी पर. लेकिन अगर इन दोनों के बीच टीवी पर लाइव बहस हो तो.

ये बात सुनने में ही दिलचस्प लगती है न लेकिन सोचिए अगर ये बात कोई एक अप्रैल को कहे तो.

असल में एक अप्रैल के दिए एक जाने माने पत्रकार ने यही किया. नतीजा ये मुद्दा ट्रेंड करने लगा.

ये ट्विट था राजदीप सरदेसाई का जिसमें उन्होंने कहा, "मुझे ये बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि राहुल औऱ मोदी ने नेटवर्क 18 पर एक टीवी बहस के लिए हामी भर दी है, ये एक ब्लॉकबस्टर होनी की उम्मीद है."

कई लोगों ने इस ट्विट को रीट्विट किया और ट्विटर पर ट्रेंड में आ गया राहुल डे.

सोशल मीडिया पर सावधान

हालांकि एक ही मिनट के अंतराल पर राजदीप सरदेसाई ने फिर ट्विट किया और उसमें कहा कि क्योंकि आज पहली अप्रैल है, उनके इस ऐलान के बारे में एक बार सोच लेना चाहिए.

पहली अप्रैल यानि ‘अप्रैल फ़ूल दिवस’ का फायदा उठानेवाले राजदीप अकेले नहीं हैं.

जाने-माने लेखक चेतन भगत ने भी आज सुबह अपने ट्वीट में लिखा, “दोस्तों, आपको बताने का समय आ गया है, मैं भावुक हूं, क्योंकि मैं अहमदाबाद से 2014 का लोकसभा चुनाव लड़नेवाला हूं.”

ज़ाहिर है आज का दिन ख़तरे से खाली नहीं, और सोशल मीडिया की पहुंच इतनी है कि ऐसा कोई भी ऐलान बहुत जल्दी फैल सकता है.

ज़ाहिर है सोशल मीडिया को ज़्यादा इस्तेमाल करनेवाले लोग सावधान रहने की सलाह के ट्विट भी कर रहे हैं.

कोलंबिया यूनिवर्सिटी के डिजीटल विभाग के प्रमुख और सोशल मीडिया पर सक्रिय श्री श्रीनिवासन श्रीनिवासन लिखते हैं, “आज अप्रैल फ़ूल दिवस है – अगर सोशल मीडिया पर आप कुछ ऐसा देखें जिसका सच होना मुमकिन नहीं लगता, तो वो शायद सच नहीं ही होगा.”

तो हमारी सलाह भी ये है कि आप जो भी पढ़ें ध्यान से पढ़े और विश्वास करने से पहले थोड़ा सोच लें.

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