आखिर क्यों विधायक चढ़े बैठे हैं टावर पर

टावर
Image caption मोबाइल टावर से पैदा होने वाले विकिरण पर सवाल उठते रहे हैं

राजस्थान में सतारूढ़ कांग्रेस के एक विधायक प्रकाश चौधरी अपने मोहल्ले में लगे मोबाइल फोन के टावर से इस कदर परेशान हुए कि अपने समर्थको के साथ विरोध स्वरूप टावर पर ही चढ़ गए.

प्रकाश चौधरी सोमवार सुबह से ही चित्तौड़गढ़ ज़िले के बड़ी सादड़ी कस्बे में एक टावर पर चढ़े बैठे है और प्रशासन उन्हें समझाने में लगा हुआ है.

विधायक के साथ उनके पन्द्रह समर्थक और सुरक्षा गार्ड भी टावर के पास ही पर ही डेरा डाले हुए है. विधायक का आरोप है कि उनके इलाके में लगभग सौ फीट के दायरे में कोई पांच टावर लगे हुए है. जिसके चलते लोगों की सेहत दाँव पर है और कई लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं.

टावर पर आशियाना बनाये बैठे प्रकाश चौधरी ने बीबीसी को बताया, “मैं लोगो को मरते हुए नहीं देख सकता,मैं खुद बीमार हो गया हूँ,क्योंकि मेरे घर से महज़ पन्द्रह बीस फीट की दूरी पर एक टावर है, बीमारियों से मोहल्ले में दो लोगो की मौत हो चुकी है, मैं घर छोड़ कर जा रहा था,पर मोहल्ले वालो ने रोक लिया और फिर हमने ये कदम उठाया”

रेडिएशन

स्थानीय विधायक का कहना है कि छोटे से इलाके में निजी कंपनियों के पांच टावर है. आस पास तीन स्कूले है और टावर से होने वाले विकिरण यानी रेडीएशन से लोग बीमार हो रहे है.

हांलाकि उनके इस दावे की किसी भी स्वतंत्र सूत्र से पुष्टि नहीं हो सकी है.

पिछले साल जयपुर में स्थानीय मीडिया ने इन टावरो के खिलाफ अभियान शुरु किया था और मामला अदालत तक पहुंचा था.

इसके बाद हाई कोर्ट ने इसके बारे में कुछ दिशा निर्देश जारी किए थे.

प्रकाश चौधरी का कहना है कि वो इस बारे में राज्य सरकार और केंद्र सरकार को कई बार फरियाद कर चुके हैं, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ.

राजस्थान में पिछले कुछ सालों से लोग मोबाइल फ़ोन के टावर का इस्तेमाल विरोध जताने के लिए करते रहे हैं.

हड़ताली छात्र अक्सर विरोध के ऐसे कदम उठाते रहे है. मगर ये पहला मौका है जब कोई विधायक ही टावर पर चढ़ गए हों.

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