फिक्की को संबोधित करने वाले हैं नरेंद्र मोदी

सीआईआई (केंद्रीय उद्योग परिसंघ) में राहुल गांधी के भाषण के बाद आज सबकी नज़रें गुज़रात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर होंगी जो फिक्की को संबोधित करेंगे.

ये फिक्की के महिला संगठन का 29वां वार्षिक सत्र होगा. मोदी के भाषण में लोगों की बढ़ती रुचि का ये आलम है कि फिक्की ने इस समारोह को फिक्की सभागार की बजाय एक बड़े होटल में करने का फैसला किया है.

सीआईआई में राहुल के भाषण के बाद काफी राजनीतिक बयानबाज़ी हुई है और माना जाता है कि नरेंद्र मोदी इस भाषण में अपना विकास का एजेंडा रखेंगे.

उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी के इस बयान पर कि अगर चीन ड्रैगन है तो भारत हाथी नहीं बल्कि मधुमक्खियों के घर जैसा है जहां हर भारतीय अलग अलग पूरी दुनिया में फैले हुए हैं और काम कर रहे हैं.

हालांकि नरेंद्र मोदी ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी के लिए देश मधुमक्खी का छत्ता हो सकता है लेकिन उनके लिए देश मां है.

नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी को बीजेपी और कांग्रेस के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रुप में देखा जा रहा है और इन दोनों के बयानों पर सभी की नज़रें रहती हैं.

राहुल गांधी जहां कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष हैं वहीं नरेंद्र मोदी पिछले कई वर्षों से गुजरात के मुख्यमंत्री रहे हैं और बीजेपी में कद्दावर नेता के रुप में उभरे हैं.

राहुल गांधी ने अपने भाषण में ये भी कहा था कि अगर लोग ये सोचते हैं कि कोई राजकुमार सफेद घोड़े पर सवार होकर आएगा और दिक्कतें दूर कर देगा तो ऐसा होने वाला नहीं है.

इस बयान पर भी विवाद हुआ और कई लोगों ने इसे नरेंद्र मोदी से जोड़कर देखा है. हालांकि कांग्रेस ने इसका खंडन करते हुए कहा कि मोदी की तुलना किसी राजकुमार से नहीं बल्कि यमराज से होनी चाहिए.

बयानबाज़ी के इस दौर में नरेंद्र मोदी फिक्की में क्या कहते हैं इसका छिद्रान्वेषण तो होगा ही साथ ही लोग ये भी देखना चाहेंगे कि वो भी कटाक्षों का सहारा लेते हैं या फिर अपना एजेंडा रखते हैं.

मोदी इससे पहले भी उद्योग संगठनों को संबोधित कर चुके हैं और उनकी छवि उद्योगों के समर्थक के रुप में रही है. पश्चिम बंगाल में टाटा नैनो की फैक्ट्री बंद होने के बाद तुरंत नैनो को जगह देने का श्रेय भी नरेंद्र मोदी को ही जाता है.

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