सीरियाई विद्रोही गुट ने थामा अल क़ायदा का हाथ

  • 11 अप्रैल 2013

इराक में अल कायदा ने पहली बार माना है कि सीरिया का एक विद्रोही गुट उसके नेटवर्क का हिस्सा है. इस घोषणा से इन आशंकाओं को बल मिला है कि सीरिया में अल क़ायदा की मौजूदगी है.

सीरिया के जिहादी गुट अल नुस्रा फ्रंट के नेता अबु मोहम्मद अल जलवानी ने अल कायदा के नेता अयमन अल ज़वाहिरी के प्रति अपनी वचनबद्धता जताई है.

हालांकि जलवानी ने कहा है कि इस वजह से सीरिया में उनके गुट के रवैये में कोई बर्ताव नहीं आएगा.

ऐसा दावा किया जाता है कि अल नुस्रा गुट ने सीरिया में सरकारी ठिकानों पर कई जगह आत्मघाती और गोरिल्ला हमले किए हैं.

वहीं मंगलवार को इराक़ में अल कायदा की इकाई के प्रमुख अबू बक्र अल बग़दादी ने दावा किया था कि उनका गुट अल नस्र में शामिल हो जाएगा.

लेकिन अल नुस्रा फ्रंट के नेता जलवानी ने कहा है कि उनसे इस बारे में कोई राय नहीं ली गई है और सीरिया पर उनका रुख़ नहीं बदलेगा. जलवानी का कहना था कि उन्हें इस बारे में मीडिया से ही पता चला.

अमरीका ने अल नुस्रा को आंतकवादी गुटों की सूची में शामिल किया हुआ है.

कमशकश

पश्चिमी देशों में ये बहस चलती रही है कि क्या सीरियाई विद्रोही गुटों को हथियार देने से ये हथियार अल नुस्रा जैसे संगठनों के हाथ में तो नहीं चले जाएँगे.

पड़ोसी देश लेबनान से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अल नुस्रा के बयान में कहा गया है कि गुट का अच्छा रवैया नहीं बदलेगा.

संवाददाताओं के मुताबिक ये माना जाता रहा है कि अल नुस्रा और अल कायदा के बीच संबंध हैं लेकिन अल नुस्रा इस पर ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहता.

अल नुस्रा विद्रोहियों के गढ़ वाले इलाकों में लोगों का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहा है. साथ ही वो अन्य विपक्षी गुटों के साथ भी सदभावना से रहना चाहता है जो अल कायदा से रिश्ता नहीं चाहते.

फ्री सीरियन आर्मी सीरिया का प्रमुख हथियारबंद विद्रोही गुट माना जाता है. एएफपी के मुताबिक फ्री सीरियन आर्मी के प्रवक्ता ने बयान में कहा है कि गुट अल नुस्रा की विचारधारा का समर्थन नहीं करता.

हालांकि प्रवक्ता ने माना कि कुछ अभियानों में अल नुस्रा के साथ गठजोड़ हुआ है.

इस हफ्ते जी-8 देशों के विदेश मंत्री मिलने वाले हैं जहाँ सीरिया पर चर्चा होनी है.

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