'मुलायम-आडवाणी सांठ-गांठ से गिरी बाबरी मस्जिद'

Image caption कॉंग्रेस में शामिल होने के पहले बेनी प्रसाद वर्मा मुलायम सिंह के करीबी माने जाते थे.

सांसद और केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव पर बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी के साथ बाबरी मस्जिद विध्वंस के पहले सांठ-गांठ करने के नए आरोप लगाए हैं.

बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा, "आडवाणी ने एक रथ यात्रा की शुरुआत की थी ये कहते हुए कि विवादित ढाँचे पर 30 अक्टूबर, 1990 को शिलान्यास होने वाला है. दरअसल इरादा शिलान्यास नहीं बल्कि विवादित ढाँचे को मुलायम सिंह यादव से मिलीभगत के बाद गिराने का था.”

कॉंग्रेस में शामिल होने के पहले बेनी प्रसाद वर्मा मुलायम सिंह के बेहद करीबी माने जाते थे.

बीबीसी संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी के अनुसार बेनी प्रसाद वर्मा ने बाराबंकी में पत्रकारों से बात करते हुए ये बयान दिया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार समाजवादी पार्टी के खिलाफ बेनी प्रसाद वर्मा का ये ताज़ा बयान एक ऐसे समय में आया है जब कुछ ही दिन पहले कई विवादास्पद बयान देने के बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी के खिलाफ बयानबाज़ी बंद करने की ओर इशारा किया था.

अयोध्या

हालांकि अब बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा है कि मुलायम सिंह यादव की सरकार के कार्यकाल में अयोध्या में नवम्बर 1990 में हुई फायरिंग अनाव्यशक थी.

साथ ही उन्होंने बताया कि खुद मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव हिरासत में लिए गए भाजपा नेताओं लाल कृष्ण आडवाणी और विनय कटियार से मिलने एक गेस्ट हॉउस में गए थे.

उनके अनुसार इस बात पर सहमति बन गई थी कि विवादित स्थल पर कार सेवक 'दर्शन' करेंगे.

सिर्फ मुलायम सिंह यादव तक सीमित नहीं रहने के बाद बेनी प्रसाद वर्मा ने भाजपा नेता लाल कृष्णा आडवाणी के आलावा नरेंद्र मोदी को भी निशाना बनाया.

उन्होंने कहा, "ये दोनों ही नेता 'सांप्रदायिक' हैं और देश के प्रधानमंत्री पद के लिए उपयुक्त नहीं हैं."

पत्रकारों ने जब बेनी प्रसाद वर्मा से अगले आम चुनावों में उत्तर प्रदेश से मिलने वाली कौंग्रेस सीटों की संख्या के बारे में पूछा तो उनका जवाब था, "कौंग्रेस को 45 सीटें मिलनी चाहिएं.”

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में समाजवादी पार्टी के खिलाफ तल्ख़ बयानबाजी करने के बाद बेनी प्रसाद वर्मा को उनकी कौंग्रेस पार्टी ने कथित रूप से थोड़ा नरम रहने को कहा था.

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