मनमोहन, सोनिया के आवास के बाहर प्रदर्शन

  • 21 अप्रैल 2013
बलात्कार
Image caption दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन जारी

देश की राजधानी दिल्ली में पांच साल की बच्ची के साथ हुए बलात्कार के विरोध में प्रदर्शनों का सिलसिला रविवार को भी जारी है. रविवार को छुट्टी होने के कारण राजनीतिक दलों के साथ-साथ कई आम लोग भी सड़कों पर विरोध करते नज़र आए.

'आम आदमी पार्टी' के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया. पुलिस को प्रदर्शनकारियों की भीड़ को क़ाबू करने में काफ़ी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ा.

दूसरी तरफ़ प्रमुख विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ की तरफ़ बढ़ने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही रोक दिया.

प्रदर्शनों के मद्देनजर इंडिया गेट, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

बीबीसी संवाददाता विनीत खरे के मुताबिक़ रविवार सुबह से ही एक बार फिर दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शनकारी जुटने लगे है.

साथ ही अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के बाहर भी लोगों का जमावड़ा है.

शनिवार को पुलिस मुख्यालय के बाहर जमा हुए कुछप्रदर्शनकारीरात भर वहां रहे और न्याय की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कमिश्नर के इस्तीफ़े की भी मांग की.

पुलिस इस घटना के मुख्य अभियुक्त मनोज कुमार को बिहार से गिरफ़्तार कर दिल्ली ला चुकी है. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है.

ख़बरों के मुताबिक़ मनोज को रविवार को अदालत में पेश किया जा सकता है.

बच्ची ख़तरे से बाहर

दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती बलात्कार पीड़ित बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची की हालत सुधर रही है और अब उसकी जान को कोई ख़तरा नहीं है.

डॉक्टरों के मुताबिक़ बच्ची होश में है और अपने माता पिता से बात भी कर पा रही है. रविवार सुबह मेडिकल बुलेटिन जारी करते हुए एम्स के प्रवक्ता ने कहा कि बच्ची पर दवाओं का सकारात्मक असर हो रहा है. रात भर वो अच्छी तरह से सोई है.

इस बीच, इस बलात्कार की घटना के ख़िलाफ़ दिल्ली में विरोध प्रदर्शन जारी है.

प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कहा कि छोटी बच्ची के साथ हुई बर्बर घटना याद दिलाती है कि इस तरह की विकृति को जड़ से ख़त्म करने के लिए समाज में सामूहिक प्रयास किए जाने की ज़रुरत है.

पुलिस के काम काज के तरीक़े की निंदा करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद होने वाले विरोध प्रदर्शन हमें बताते हैं कि लोगों के ग़ुस्से से निपटते समय उनकी भावनाओं और चिंताओं को समझने की ज़रूरत है.

क्यों हुई देरी

शनिवार को डेल्ही कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट यानि दिल्ली बाल संरक्षण आयोग ने दिल्ली पुलिस को एक नोटिस जारी कर पूछा है कि पीड़ित बच्ची के अभिभावक की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज क्यों नहीं किया और उनके साथ बुरा सलूक क्यों किया.

उधर,कई प्रमुख नेताओं ने अस्पताल जाकर पीड़िता के अभिभावक से मुलाक़ात की है.

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि ये वक़्त बयान देने का नहीं बल्कि दोषी पर कार्रवाई की ज़रूरत है.

वहीं लोकसभा में विपक्षी दल की नेता सुषमा स्वराज ने कहा है कि मासूम बच्चों के ख़िलाफ़ ऐसे अपराध करने वाले गुनहगारों को फांसी की सज़ा दी जानी चाहिए.

गिरफ़्तारी के बाद अभियुक्त मनोज को शनिवार सुबह मुज़फ्फ़रपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के सामने पेश किया गया, जहाँ से तीन दिनों की ट्रांजिट रिमांड पर पुलिस उसे दिल्ली लाई है.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक़ गांधीनगर इलाक़े में बलात्कार की शिकार हुई पांच साल की बच्ची 40 घंटे तक कमरे में बंद रही और संदिग्ध मनोज कुमार संभवतः बच्ची को मरा समझकर भाग गया था.

नहीं थम रही घटनाएं

दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक़ जनवरी से लेकर मार्च के बीच 393 बलात्कार की घटना दर्ज कराई गई.

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत का कहना है, “एक जनवरी से 31 मार्च के बीच 393 बलात्कार के मामले दर्ज कराए गए.”

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक़ पिछले साल एक जनवरी से लेकर 15 दिसंबर तक राजधानी दिल्ली में 661 बलात्कार के मामले दर्ज कराए गए.

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