जस्टिस जेएस वर्मा नहीं रहे

जे एस वर्मा
Image caption जस्टिस जे एस वर्मा अपने पीछे दो बेटियाँ छोड़ गए हैं.

भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जेएस वर्मा का निधन हो गया है. वो 80 वर्ष के थे. जस्टिस वर्मा हमेशा अपनी बेबाकी, मुखरता और सक्रियता के कारण जाने जाते थे.

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और लोक सभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने जस्टिस जेएस वर्मा के निधन पर शोक जताया है.

जस्टिस जेएस वर्मा ने अपनी अंतिम साँसे ने दिल्ली के सटे गुड़गाँव के एक अस्पताल में लीं.

जस्टिस जेएस वर्मा अपने पीछे पत्नी और दो बेटियाँ छोड़ गए हैं. उनकी एक बेटी दिल्ली में ही उनके साथ रहती थी और दूसरी लंदन रहती थीं.

हाल ही में भारत सरकार ने उन्हें महिलाओं के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों पर कानूनों कड़े करने के लिए अनुशंसा करने को कहा था.

जस्टिस वर्मा उस तीन सदस्यीय समिति के मुखिया थे जिसने भारत सरकार को रिकॉर्ड 29 दिन के समय में कानूनों को कड़े करने को लेकर अपनी अनुशंसा सौंपी थी. उनकी अध्यक्षता में समिति ने उन तमाम दबावों को नकार दिया था जिनमे बलात्कार दोषियों को फांसी देने की मांग की गई थी.

जस्टिस जेएस वर्मा भारत के मुख्य न्यायाधीश के अलावा राष्ट्रिय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके थे.

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