अभियुक्तों के 'असली' चेहरे का ब्यौरा

  • 22 अप्रैल 2013
प्रदर्शनकारी
Image caption दिल्ली में हुई इस घटना के विरोध में देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं

दिल्ली में पांच साल की एक बच्ची के साथ बलात्कार के आरोप में गिरफ़्तार मनोज साह इन दिनों दिल्ली पुलिस की हिरासत में हैं. इस घटना के विरोध में देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं.

बिहार पुलिस की सहयोग से दिल्ली पुलिस ने उन्हें बिहार के मुजफ्फरपुर ज़िले के चिकनौटा गांव से गिरफ़्तार किया था. चिकनौटा में उनकी ससुराल है.

मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक़ मुजफ्फरपुर ज़िले के औराई अंचल के भरथुआ गांव के निवासी 23 साल के मनोज साह की शादी दो साल पहले अर्चना से हुई थी.

हिंदी भाषा के जाने माने साहित्यकार रामबृक्ष बेनीपुरी भी भरथुआ-बेनीपुर गांव के ही रहने वाले थे. उनके निमंत्रण पर एक बार महात्मा गांधी भी भरथुआ गांव आए थे और क़रीब एक हफ़्ते तक रहे थे.

मनोज साह के पिता बिंदेश्वरी प्रसाद क़रीब तीन दशक पहले गांव छोड़कर दिल्ली आए थे. खबरों के मुताबिक वे दिल्ली के एक कारखाने में काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं.

प्राथमिक शिक्षा

मीडिया में आ रही ख़बरों के अनुसार गांव की पाठशाला से प्राथमिक शिक्षा हासिल करने वाले मनोज का मन पढ़ने में कभी नहीं लगा. वे अक्सर कक्षा से गैरहाजिर रहते थे.स्कूल में भी उनपर स्कूल के छात्रों के साथ मारपीट का आरोप लगता रहता था.

मनोज और उनके पिता पर तीन साल पहले मुजफ्फरपुर के औराई थाने में मारपीट का एक मामला दर्ज हुआ था. पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दिया है.

भरथुआ के लोगों को जैसे ही पता चला कि उनके गांव के मनोज साह ने दिल्ली में पांच साल की एक बच्ची के साथ बलात्कार किया है, उन्होंने मनोज और उनके परिवार के सामाजिक बहिष्कार की घोषणा कर दी.

दूसरी गिरफ्तारी

वहीं इस मामले में दिल्ली पुलिस ने बिहार पुलिस के सहयोग से दूसरे अभियुक्त प्रदीप को लखीसराय से गिरफ़्तार किया है. वे बिहार के शेखपुरा ज़िले के अहियापुर गांव के निवासी हैं.

उन्हें लखीसराय के बरहिया गांव स्थित उनके मौसा के घर से गिरफ्तार किया गया. प्रदीप अभी तीन महीने पहले ही मजदूरी करने दिल्ली गए थे. उनके माता-पिता भी दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं.

अहियापुर स्थित प्रदीप के पैतृक गांव में अब उनके भाई-भाभी ही रहते हैं. उनकी भाभी कनक देवी ने बीबीसी को बताया कि छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस पहले भी प्रदीप को पकड़ चुकी है. उन्होंने बताया कि एक बार छेड़खानी के आरोप गांव वालों ने प्रदीप की पिटाई भी की थी.

कनक देवी को जब प्रदीप के अपराध के बारे में पता चला तो उन्होंने उनके लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की.

वे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी में रहते हैं और इस मामले में पहले गिरफ्तार मनोज साह के मित्र हैं.

प्रदीप की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली और बिहार पुलिस पिछले दो दिन से दरभंगा, मुज़फ्फरपुर और लखीसराय में छापेमारी कर रही थी.

बिहार के पुलिस के मुताबिक़ प्रदीप लखीसराय में अपनी मौसी के घर छिपे हुए थे.

संबंधित समाचार