बच्ची के साथ बलात्कार का दूसरा अभियुक्त गिरफ्तार

  • 22 अप्रैल 2013
दिल्ली रेप
सैंकड़ों लोगों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय और गृहमंत्री के आवास पर विरोध प्रदर्शन किया.

दिल्ली के गांधीनगर इलाक़े में पांच साल की बच्ची के साथ बलात्कार के दूसरे अभियुक्त को बिहार के लखीसराय ज़िले से गिरफ्तार कर लिया गया है.

प्रदीप कुमार नाम के इस अभियुक्त को दिल्ली और बिहार पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर लखीसराय ज़िले के बरहिया गांव स्थित उनके मौसा के घर से रात क़रीब डेढ़ बजे गिरफ्तार किया.

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने प्रदीप को लखीसराय के मुख्य न्यायीक दंडाधिकारी (सीजेएम) वीडी उपाध्याय की अदालत में पेश किया. अदालत ने उन्हें तीन दिन के ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली पुलिस को सौंप दिया.

प्रदीप को अब दिल्ली लाने के तैयारी की जा रही है. इसकी सूचना पाकर बहुत से लोग पटना हवाई अड्डे पर पहुंच गए और प्रदीप को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया.

प्रदीप की गिरफ्तारी में बिहार की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने दिल्ली पुलिस की मदद की.

संयुक्त अभियान

दिल्ली और बिहार पुलिस ने एक संयुक्त अभियान के तहत राज्य के दरभंगा, मुज़फ्फरपुर और लखीसराय में दो दिन से गहन छापेमारी अभियान चला रखा था.

बिहार के पुलिस प्रवक्ता और अपर पुलिस महानिदेशक रवींद्र कुमार ने बीबीसी को बताया, "शेखपुरा के रहनेवाले प्रदीप घटना के बाद दिल्ली से भागकर अपनी बहन के घर लखीसराय चले गए थे."

रविवार को इस मामले के मुख्य अभियुक्त मनोज कुमार ने दिल्ली पुलिस को बताया था कि इस कृत्य में एक और व्यक्ति भी शामिल था.

इससे पहले वारदात के मुख्य अभियुक्त मनोज को दिल्ली और बिहार की पुलिस ने मुज़फ्फरपुर से गिरफ्तार किया था. वो अपनी ससुराल चिक्नौटा गाँव में छिपे हुए थे. पुलिस ने मनोज के मोबाइल फ़ोन लोकेशन के ज़रिए उनके छिपने के ठिकाने का पता लगाया था.

शनिवार को गिरफ़्तारी के बाद पुलिस उन्हें दिल्ली ले आई है. मनोज ने दो साल पहले प्रेम-विवाह किया था और परिवार के साथ दिल्ली में रहकर मज़दूरी करते थे.

'मरा समझकर छोड़ दिया'

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस घटना की निंदा की है और कहा है कि समाज को अपने भीतर सोचने की ज़रूरत है.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक़ गांधीनगर इलाक़े में बलात्कार की शिकार हुई पांच साल की बच्ची 40 घंटे तक कमरे में बंद रही और संदिग्ध मनोज कुमार शायद बच्ची को मरा समझकर भाग गए थे.

पूर्वी दिल्ली के डीसीपी प्रभाकर ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा था, “वो बच्ची क़रीब 40 घंटे कमरे में बंद थी. एमएलसी की रिपोर्ट और मनोज से हुई प्रारंभिक पूछताछ से लगता है कि शायद उसने बच्ची को मरा समझकर छोड़ दिया था.”

उन्होंने बताया कि बच्ची 15 अप्रैल की शाम को लापता हुई थी और मनोज उसी दिन शाम सात बजे घटनास्थल से चला गया था. वो स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से छपरा होते हुए पहले अपने गांव पहुंचे और फिर ससुराल.

प्रदर्शन

पांच साल के बच्ची से बलात्कार की ख़बर मीडिया में आने के बाद दिल्ली समेत देश के कई शहरों में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, नेता विपक्ष सुषमा स्वराज समेत विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस घटना की निंदा की है.

प्रदर्शनकारी बलात्कार के दोषी को फांसी दिए जाने की मांग कर रहे हैं.

सोमवार से दोबारा शुरू हो रहे बजट सत्र में भी इस मुद्दे पर राजनीति गरमाने की संभावना जताई जा रही है.

संबंधित समाचार