मनमोहन ने कहा कानून मंत्री नहीं देंगे इस्तीफा

Image caption प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कानून मंत्री अश्वनी कुमार.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कोयला खदान आवंटन पर केंद्रीय जांच एजेंसी की स्टेटस रिपोर्ट के मामले में अपने और कानून मंत्री के इस्तीफ़े से इनकार किया है.

प्रधानमंत्री ने विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के इस आरोप का जवाब देने से इनकार कर दिया कि उन्होंने खुद को बचाने के लिए कानून मंत्री को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया है.

विपक्ष की इस्तीफ़े की मांग को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, “नौ साल में वह पहली बार इस्तीफ़े की मांग नहीं कर रहे हैं, आखिर कितनी बार... लेकिन मैं विपक्ष से आग्रह करूंगा कि वह संसद को चलने दें.”

'लोकतंत्र का मज़ाक़'

प्रधानमंत्री ने कहा, “संसद को न चलने देकर हम लोकतंत्र का मज़ाक बना रहे हैं. पूरी दुनिया हम पर हंस रही है. चाहे कोई भी मामला हो संसद में उस पर बहस की जा सकती है और बातचीत के ज़रिये हल निकाला जा सकता है.”

कानून मंत्री के इस्तीफ़े के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “कानून मंत्री के इस्तीफ़े का सवाल ही नहीं उठता. अब मामला कोर्ट में है और इसलिए इस पर कुछ बोलना ठीक नहीं होगा.”

केंद्रीय जांच एजेंसी के निदेशक रंजीत सिन्हा ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले के मामले में 'स्टेटस रिपोर्ट' के संबंध में एक शपथ पत्र दाखिल किया था.

इसमें कहा गया है कि 'स्टेटस रिपोर्ट का मसौदा क़ानून मंत्री अश्विनी कुमार, प्रधानमंत्री कार्यालय और कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को दिखाया गया था.

इसके बाद इस मसले पर राजनीतिक बवंडर खड़ा हो गया था और विपक्षी दल कानून मंत्री और प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे.

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