गोवा में महिलाएं कर रहीं विशेष बसों से सफर

Image caption लोग कह रहे कि महिलाओं के लिए विशेष बस सेवा से उन्हें बहेतर सुरक्षा मिल सकेगी.

गोवा में पंजम से पोंडा के बीच विशेष महिला बस सेवा शुरु हुई. बस सेवा शुरु होने से महिलाएं काफी खुश हैं. वे सफर के दौरान अपनी खुशी का इज़हार कर रही हैं. यह बस सेवा कामकाजी महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.

इस साल के अपने बजट भाषण में मुख्यमंत्री मनोहर परिक्कर ने घोषणा की थी कि गोवा के सभी मुख्य बस डिपो से महिलाओं के लिए विशेष बस सेवा की शुरुआत करेंगे.

परिवहन मंत्री सुदिन धावलिकर नें भविष्य मे बसों की फ्रिक्वेंसी बढ़ाने की संभावना से इंकार नहीं किया है. उन्होनें कहा कि समय आने पर महिलाओं के लिए और बसें उपलब्ध हो सकती हैं.

अस्मिता नायक की उम्र 25 वर्ष साल है. वे पंजिम में कंप्यूटर ऑपरेटर के रुप में काम करती है. वे बस से अपने घर बोरिम वापस लौट रही हैं. यह जगह दक्षिणी गोवा के पोंडा क्षेत्र में आती है. वे महिला बस सेवा शुरु होने से बेहद खुश हैं. उनका कहना हैं कि सामान्य बसों में तो पुरुष महिलाओं के लिए आरक्षित सीट भी खाली नहीं छोड़ते. मैं विशेष बस सेवा के कारण आराम के साथ सफर कर सकती हूं.

सुरक्षित सफर

वर्किंग प्लेस पर छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न की घटनाओं के कारण महिलाओं को कई बार अवांछित स्थिति का सामना करना पड़ता है. उनके पास जॉब छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता.

नीलिमा नायक 26 साल की आइटी प्रोफेशनल हैं. वे घर जाने के लिए महिला बस का इंतजार कर रही थीं. उनसे यह पूछने पर कि क्या कभी उनके साथ छेड़छाड़ हुई है?

उन्होनें जवाब दिया कि हां कई बार ऐसी स्थिति से सामने आई है. जब मैनें उनसे विस्तार से बताने को कहा तो उन्होनें कहा कि बहुत ज्यादा गंभीर बात नहीं है.

वो कहती हैं, "बसों की भीड़-भाड़ में लोग पास आ जाते हैं और छूने की कोशिश करते हैं. अगर सामने वाले को टोको को बेशर्मी से पीछे हट जाते हैं. बस में भीड़ होने पर आप कहां जा सकते हैं?"

पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सफर करते समय महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं.

Image caption महिलाओं के लिए चलाई गई बस में परिवहन मंत्री की बहन ने भी सफर किया

पिछले साल दिल्ली के “निर्भया गैंग रेप ” के बाद से पूरे देश में लोग दबी हुई सामाजिक सच्चाई के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं. पूरे देश में महिलाओं की सुरक्षा को बेहतर बनाने की जरुरत लंबे समय से महसूस हो रही है.

बस सेवा के लिए शुक्रिया

गोवा सरकार ने देश के अन्य राज्यों के लिए उदाहरण पेश करते हुए महिला बस सेवा प्रारंभ करते हुए महिलाओं की सुरक्षा के लिए व्यावहारिक समाधान खोजा. यह निर्णय काफी दूरगामी सोच वाला है.

संयोग से मेरी मुलाकात दीप्ति देसाई से हुई जो परिवहन मंत्री सुदिन की बड़ी बहन हैं. वे पंजिम,पोट्टो क्षेत्र की एलआईसी ऑफिस से पोंडा की ओर जाने वाली बस में सफर कर रही थीं. अचनाक लोगों का ध्यान अपनी तरफ आने से वे शर्मा रही थीं.

सारे सहयात्री उन्हें अपने भाई सुदिन को शुक्रिया का संदेश देने की गुज़ारिश कर रहे थे. उन्होने कहा कि “मैं क्या बोलूं, मैं अपने भाई से कहुंगी कि अपनी बहन के साथ-साथ उन्होनें सभी बहनों को सुंदर सा उपहार भेंट किया है.

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