भारत पहुँचा सरबजीत सिंह का शव

Image caption सरबजीत की मौत से दोनों देशों के बीच बहाल होते शांति संबंधों पर भी असर पड़ सकता है

सरबजीत सिंह का शव भारत पहुँच गया है. विशेष विमान से सरबजीत सिंह का शव अमृतसर लाया गया है.

भारतीय अधिकारियों को सौंपने से पहले पाकिस्तान में ही छह डॉक्टरों की एक टीम ने सरबजीत का पोस्टमार्टम किया. पाकिस्तान ने भारत को शव लौटाने का वादा किया था.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी सरबजीत की मौत पर दुख जताया था. उन्होंने सरबजीत की “हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई” की भी मांग की थी.

इस बीच सरबजीत सिंह का परिवार उनके पैतृक गांव पंजाब के बिखीविंद पहुंच गया है. उनके गांव के अलावा देश के अलग अलग हिस्सों में सरबजीत की मौत के विरोध में लोगों ने प्रदर्शन भी किया है.

जम्मू समेत कई जगहों पर लोगों ने पाकिस्तान का पुतला जलाया. सरबजीत सिंह की बहन दलवीर ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत की.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दलबीर ने "पाकिस्तान को भारत की पीठ में छूरा घोंपने वाला" कहा है. दलबीर ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी पर "चुनावी फायदे के लिए" सरबजीत की हत्या करवाने का भी आरोप लगाया.

राजनीति शुरु

विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने इस मसले को लेकर कांग्रेस की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सरबजीत को “फर्जी मुठभेड़ में मारा गया.” उन्होंने ये भी कहा कि भारत सरकार इस मसले पर “लोगों को गुमराह कर रही है.”

कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी भी सरबजीत सिंह के परिजनों से मुलाकात कर चुके हैं.

इस बीच सरबजीत की मौत की जांच करने के लिए पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं.

सरबजीत पर पाकिस्तान में जासूसी का आरोप था. वो पिछले 22 सालों से पाकिस्तान की जेल में बंद थे.

पाकिस्तान का कहना है कि 1990 में हुए बम धमाके में सरबजीत का हाथ था. धमाके में 14 लोग मारे गए थे.

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