सरबजीत का अंतिम संस्कार हुआ

सरबजीत
Image caption सरबजीत का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया

सरबजीत सिंह का अंतिम संस्कार शुक्रवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ कर दिया गया.

अमृतसर के नजदीक भीखीविंड में सरबजीत की अंत्येष्टि के मौके पर हज़ारों लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा था. इन हज़ारों लोगों की भीड़ में कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी, राज्य के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के साथ पूरा कैबिनेट भी मौजूद था.

उनका शरीर गुरुवार देर रात उनके गांव भीखीविंड स्थित घर पहुंचा था, इसलिए बहुत ज्यादा लोग उनके घर नहीं पहुंच पाए थे लेकिन शुक्रवार को जैसे ही दिन की शुरुआत हुई, बड़ी संख्या में लोग सरबजीत सिंह के घर पहुंचना शुरू हो चुके थे.

लाहौर की कोट लखपत जेल में कैदियों के हमले में बुरी तरह जख्मी होने के बाद सरबजीत सिंह कोमा में चले गए थे और फिर मौत के बीच झूल रहे सरबजीत सिंह की गुरुवार तड़के मौत हो गई थी.

इससे पहले सरबजीत की पत्नी, उनकी बहन और दोनों बेटियों ने सरबजीत को अंतिम विदाई दी. सबका रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था.

सहायता

इसके बाद पंजाब पुलिस के कई जवान सरबजीत के शरीर को तिरंगे में लपेटकर अंतिम संस्कार के लिए ले गए.

इस बीच पंजाब सरकार सरबजीत के परिवारवालों को एक करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता देने और तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा कर चुकी है.

पंजाब के एक आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे और इन तीन दिनों में यहां कोई आधिकारिक समारोह भी नहीं होगा.

वहीं केंद्र ने भी सरबजीत के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त 25 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है.

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