कर्नाटक में कांग्रेस का सितारा बुलंद

Image caption राज्य में पांच मई को हुए मतदान में क़रीब 65 फ़ीसद लोगों ने वोट डाले थे.

कर्नाटक विधानसभा की 224 सीटों में से 223 के लिए हुए चुनाव की मतगणना 36 केंद्रों पर चल रही है. चुनाव आयोग के मुताबिक अब तक कांग्रेस एक सीट जीत चुकी है और 102 सीटों पर वो आगे चल रही है, 36 पर भाजपा और 42 पर जनता दल सेक्युलर.कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए 113 सीटों की जरूरत होगी.

मैसूर ज़िले की एक सीट पर भाजपा उम्मीदवार की मौत होने की वजह से वहां मतदान स्थगित कर दिया गया था. वहां अब 28 मई को मतदान कराया जाएगा.

मुख्यमंत्री और भाजपा नेता जगदीश शेट्टार, विधानसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया,पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पी परमेश्वर और जनता दल (सेक्युलर) के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं.

इस चुनाव में विभिन्न पार्टियों के कुल 2948 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे. राज्य की प्रमुख पार्टियों कांग्रेस, भाजपा और केजेपी ने सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे.

प्रमुख उम्मीदवार

मुख्य मुकाबला सत्ताधारी भरतीय जनता पार्टी, मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस, भाजपा, जनता दल (सेक्युलर) और भाजपा से अलग होकर अपनी पार्टी बनाने वाले बीएस येदियुरप्पा की पार्टी कर्नाटक जनता पक्ष (केजेपी) के बीच माना जा रहा है.

भाजपा ने किसी दक्षिण भारतीय राज्य में पहली बार कर्नाटक में ही सरकार बनाई थी. पिछले पांच सालों में उसे बार-बार भ्रष्टाचार के आरापों का सामना करना पड़ा.

कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए जातियों का समर्थन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. लिंगायत और वोक्कालिगा यहां कि दो महत्वपूर्ण जातियां है.इनकी सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है. बीएस येदियुरप्पा लिंगायत समाज से ही आते हैं.

इसके अलावा राज्य में चरवाहा जाति कुरुबा की तादात भी अच्छी खासी है.

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