राजीव शुक्ला ने आईपीएल चेयरमैन पद छोड़ा

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Image caption कांग्रेस नेता और केंद्र में मंत्री राजीव शुक्ला आईपीएल के चेयरमैन थे.

आईपीएल में स्पॉट फ़िक्सिंग मामले के गहराने के बाद इसके चेयरमैन राजीव शुक्ला ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. बीसीसीआई की वर्किंग कमेटी की आपात बैठक से एक दिन पहले शनिवार शाम को राजीव शुक्ला ने कहा कि हाल की घटनाओं को देखते हुए उन्होंने अपना पद छोड़ने का फ़ैसला लिया है.

उन्होंने कहा, "मैंने आईपीएल चेयरमैन का पद छोड़ने का फ़ैसला लिया है. ये ऐसा फ़ैसला है जिसपर मैं पिछले कुछ समय से विचार कर रहा था. मुझे लगता है कि पद छोड़ने का यही सही समय है."

उन्होंने कहा कि अपना पद छोड़ने से पहले उन्होंने बीबीसीआई सचिव संजय जगदाले और कोषाध्यक्ष अजय शिर्के के पद छोड़ने के फ़ैसले पर भी विचार किया.

उन्होंने कहा, "संजय जगदाले और अजय शिर्के ने भारतीय क्रिकेट के हित में अपना इस्तीफ़ा दिया है. मुझे भी लगा कि यही सही समय है."

बीसीसीआई वर्किंग कमेटी की रविवार को होने वाली आपात बैठक से ठीक एक दिन पहले राजीव शुक्ला के इस्तीफ़े से बोर्ड अध्यक्ष श्रीनिवासन पर भी ज़रूर अपना पद छोड़ने का दबाव बढ़ेगा.

राजीव शुक्ला ने कहा, "मुझे जिन उम्मीदों के साथ आईपीएल चेयरमैन का पद दिया गया था उसे मैंने अपनी पूरी क्षमता के साथ निभाया. तमाम विवादों के बावजूद टूर्नामेंट का आयोजन सफलता पूर्वक हुआ. स्टेडियम भरे हुए थे जो इस बात का प्रमाण है कि आईपीएल अभी भी लोकप्रिय है."

राजीव शुक्ला ने ये भी कहा कि वो कभी भी किसी पद के पीछे नहीं भागे और हमेशा अपने कर्तव्य और ज़िम्मेदारियों का निर्वाह करते रहे हैं.

श्रीनिवासन की 'तीन मांगें'

Image caption बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने अपने इस्तीफे के लिए तीन मांगें रखी हैं.

बीबीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन रविवार को होनेवाली वर्किंग कमेटी की आपातकालीन बैठक में अपने प्रशासनिक जीवन की सबसे कठिन परीक्षा का सामना करेंगे जहां बोर्ड के सदस्य आईपीएल विवाद की वजह से उनपर इस्तीफ़े के लिए दबाव डालेंगे.

हालांकि अब ये निश्चित सा लगने लगा है कि बोर्ड के सदस्यों की मांग को देखते हुए श्रीनिवासन को अपना पद छोड़ना ही पड़ेगा. लेकिन इस बीच ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि श्रीनिवासन ने अपने इस्तीफ़े से पहले अपनी तीन मांगें पूरी करने की शर्त रखी है.

उनकी पहली मांग ये है कि जांच में अगर वो पाकसाफ़ निकल आते हैं तो उन्हें बोर्ड के अध्यक्ष पद पर दोबारा बिठाया जाएगा.

उनकी दूसरी मांग ये है कि उन्हें आईसीसी की बैठकों में भारत का प्रतिनिधित्व करने दिया जाए और तीसरी मांग ये है कि बीसीसीआई के सचिव संजय जगदाले और कोषाध्यक्ष अजय शिर्के को बीसीसीआई के नए पैनल में न रखा जाए क्योंकि उन्होंने उन्हें धोखा दिया है.

लेकिन ऐसा समझा जाता है कि बीबीसीआई के सदस्य नए पैनल में जगदाले और शिर्के की अनदेखी करने के पक्ष में नहीं हैं और वो इस मांग को मानने के लिए शायद ही तैयार होंगे.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ बोर्ड के शीर्ष सदस्य एक रणनीति पर काम कर रहे हैं कि जब तक श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मेयप्पन के ख़िलाफ़ जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक के लिए श्रीनिवासन अपना पद छोड़ दें.

अगर इसके बाद भी श्रीनिवासन अपने पद पर बने रहने पर अडिग रहते हैं तो ऐसा माना जा रहा है कि ज़्यादातर बोर्ड अधिकारी अपना पद छोड़ देंगे जिससे बोर्ड में सांविधानिक संकट पैदा हो जाएगा और आख़िरकार उनके पास इस्तीफ़ा देने के अलावा और कोई चारा नहीं बचेगा.

संकट

Image caption गुरूनाथ मेयप्पन की गिरफ़्तारी के बाद से ही श्रीनिवासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

पिछले दिनों आईपीएल में स्पॉट फ़िक्सिंग का मामला सामने आने के बाद से ही बीसीसीआई संकट का सामना कर रही है.

चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े गुरुनाथ मेयप्पन की गिरफ़्तारी के बाद से ही बोर्ड अध्यक्ष एन श्रीनिवास पर भी इस्तीफ़े का दबाव बढ़ता जा रहा है.

मेयप्पन, श्रीनिवासन के दामाद हैं. मेयप्पन पर विंदु दारा सिंह के साथ मिलकर स्पॉट फ़िक्सिंग करने का आरोप है.

आईपीएल में फ़िक्सिंग का मामला तब सामने आया जब दिल्ली पुलिस ने फ़ोन कॉल्स के आधार पर राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों--श्रीसंत, अंकित चौहान और अजीत चंदेला को गिरफ़्तार किया था.

इसके बाद विंदु दारा सिंह को गिरफ़्तार किया गया था.

कथित तौर पर विंदु दारा सिंह ने अपना दोष भी क़बूल कर लिया है. विंदु के बाद श्रीनिवासन के दामाद मेयप्पन को गिरफ़्तार किया गया था.

हालांकि श्रीसंत समेत राजस्थान रॉयल्स के दूसरे खिलाड़ियों ने खुद को बेक़सूर बताया है.

जांच समिति

मेयप्पन की गिरफ़्तारी के बाद इस मामले की जांच के लिए बीसीसीआई ने एक तीन सदस्यीय समिति गठित की थी. संजय जगदाले उस समिति का हिस्सा थे.

Image caption श्रीसंत की गिरफ़्तारी के बाद से आईपीएल-6 में स्पॉट फ़िक्सिंग की बात सामने आई थी.

सबसे पहले कांग्रेस के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीसीसीआई अध्यक्ष को इस्तीफ़ा देने की सलाह दी. इसके बाद राजीव शुक्ला समेत कई नेताओं ने उनसे जांच पूरी होने तक पद से अलग रहने की मांग की थी.

हालांकि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के क्रिकेट संघ के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा था कि श्री निवासन को इस्तीफ़ देने की ज़रूरत नहीं है.

श्रीनिवासन आईपीएल खेलने वाली टीम चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक भी हैं. उनकी टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी हैं. हाल ही में एक प्रेस वार्ता के दौरान फ़िक्सिंग के बारे में धोनी से जब सवाल पूछे गए थे तो उन्होंने कहा था कि वो सही समय आने पर जवाब देंगे.

फ़िलहाल वो टीम इंडिया के साथ चैंपियंस ट्रॉफ़ी के लिए लंदन गए हुए हैं.

सचिन तेंदुलकर भी फ़िक्सिंग पर दुख जता चुके हैं.

उधर महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर आर पाटिल ने इस पूरे विवाद पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था कि ज़रूरत पड़ने पर फ़िक्सिंग से जुड़े मामलों की जांच सीबीआई से कराई जा सकती है.

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