शीला दीक्षित के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ेंगे केजरीवाल

Image caption अरविन्द केजरीवाल ने भाजपा नेता विजय गोयल को उनके और शीला दीक्षित के खिलाफ चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी है.

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई से राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के साथ सीधे चुनावी मुकाबले का ऐलान कर दिया है.

आम आदमी पार्टी ने ट्वीट किया है कि नवबंर में होने वाले चुनाव के दौरान शीला दीक्षित जिस विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल करेंगी, केजरीवाल भी वहीं से चुनाव लड़ेंगे. आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की बैठक में यह निर्णय लिया गया.

शीला दीक्षित फिलहाल नई दिल्ली विधानसभा सीट से विधायक हैं.

भाजपा पर आरोप

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बैठक के बाद केजरीवाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने पिछने चुनावों में शीला दीक्षित के खिलाफ कमजोर प्रत्याशी उतारा था.

उन्होंने कहा कि वह नई दिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं, ताकि चुनावी मैदान में सीधे दीक्षित के साथ मुकाबला किया जा सके.

कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ने का सुझाव देने के बाद केजरीवाल ने कहा, “यदि वे डरकर नई दिल्ली विधानसभा में ऐसे मुकाबले को टालने और कहीं और जाने का फैसला करती हैं तो वह जहाँ से चुनाव लड़ेंगी, मैं भी उस सीट पर चला जाउँगा.”

अंतिम फैसला

हालाँकि केजरीवाल के बारे में अंतिम फैसला संबंधित विधानसभा क्षेत्र के 100 लोगों के हस्ताक्षर और पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी और राजनीतिक मामलों की समिति के सामने साक्षात्कार के बाद होगा.

शीला दीक्षित ने 1998 के विधानसभा चुनाव में गोल मार्केट सीट से भाजपा के प्रत्याशी कीर्ति आजाद को 5,667 वोटों के अंतर से हराया था और इसके पाँच साल बाद उन्होंने पूनम आजाद को 12,935 वोटों के अंतर से हराया.

परिसीमन के बाद उन्होंने नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया. इस सीट पर उन्होंने भाजपा के विजय जौली को 13,982 वोट से हराकर जीत दर्ज की.

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