नरेंद्र मोदी: न उगलते बने, न निगलते

बात लालकृष्ण आडवाणी के एक बयान से शुरू हुई और इतनी बढ़ी कि भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह को सफ़ाई देनी पड़ी.

मामला नरेंद्र मोदी का जो था.

आडवाणी ने कहा था, "गुजरात तो पहले ही स्वस्थ था, उसको आपने (नरेंद्र मोदी ने) उत्कृष्ट बना दिया है. उसके लिए आपका अभिनंदन. लेकिन छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश तो बीमारू प्रदेश थे, उनको स्वस्थ बनाना...ये उपलब्धि है."

ऐसे समय में जब भारतीय जनता पार्टी का एक हिस्सा नरेंद्र मोदी को भावी प्रधानमंत्री के तौर पर प्रोजेक्ट कर रहा है, आडवाणी के इस बयान को मोदी को डिसमिस करने के बराबर माना गया. अख़बारों में ख़बर छपी कि आडवाणी मोदी के बदले चौहान को बढ़ावा दे रहे हैं.

कॉन्ग्रेस ने इसे बीपेजी का गृहयुद्ध कहते हुए चुटकी ली और अब इस पर सोमवार को हैदराबाद में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह को सफ़ाई देनी पड़ी. उन्होंने कहा कि आडवाणी के बयान को ग़लत समझा गया है.

राजनाथ ने कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं कि इस समय देश के सबसे लोकप्रिय नेता नरेंद्र मोदी हैं."

उधर शिवराज सिंह ने भी इस पूरे मामले में खुद भी सफ़ाई दी है. चौहान का कहना था कि आडवाणी जी ने किसी एक व्यक्ति की तारीफ़ नहीं की बल्कि भाजपा के सभी मुख्यमंत्रियों की तारीफ की है.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “आडवाणी जी ने हमारी कार्यशैली की प्रशंसा की है. उन्होंने ये भी कहा कि हम सब जो काम कर रहे हैं उसके सहारे पार्टी की पूरी टीम देश को आगे ले जाएगी. मुझसे सीनियर तो मोदी जी भी हैं रमन सिंह जी भी हैं. मैं तो नंबर एक या दो तो छोड़िए नंबर तीन में भी नहीं हूं.”

'मोदी बनाम चौहान'

Image caption नरेंद्र मोदी को राजनाथ सिंह का बेहद करीबी माना जाता है

दरअसल, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ़ की तो ख़बरें उड़ीं कि ये चौहान को नरेंद्र मोदी के मुकाबले खड़ा करने की आडवाणी की कोशिश है.

बवाल इसलिए भी हुआ क्योंकि आडवाणी ने शिवराज सिंह की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से कर डाली.

उन्होंने कहा था, “जैसे अटल बिहारी वाजपेयी विकास की कई योजनाओं को लागू करने के बाद भी नम्र बने रहे और घमंड से दूर रहे. उसी तरह शिवराज सिंह चौहान ने भी मध्यप्रदेश जैसे “बीमारू” राज्य की तस्वीर बदल दी."

आडवाणी के इस बयान को राजनीतिक हलकों में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी कार्यशैली के खिलाफ माना गया.

नरेंद्र मोदी फिलहाल भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री पद के सबसे तगड़े दावेदार माने जा रहे हैं.

कांग्रेस की चुटकी

आडवाणी के इस बयान पर सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने चुटकी लेते हुए ट्विटर पर लिखा,“ भाजपा बनाम आडवाणी जी. चौहान जी बनाम मोदी बनाम राजनाथ बनाम सुषमा बनाम जेटली बनाम गडकरी जी. आरएसएस बनाम भाजपा—परिवार में गृहयुद्ध है जी.”

लेकिन भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह का कहना है कि इस मामले को लेकर पार्टी में कोई शीत युद्ध नहीं चल रहा है. लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि नरेंद्र मोदी काफ़ी लोकप्रिय नेता हैं.

विरोधाभासी बयान

Image caption भाजपा की ओर से आडवाणी और सुषमा दोनों नेताओं के नाम बीच बीच में उछाले जाते हैं

प्रधानमंत्री पद के दावेदार को लेकर पार्टी नेताओं के विरोधाभासी बयान भी आते रहते हैं.

पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह पहले भी कह चुके हैं, “मोदी की लोकप्रियता को लेकर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता. पार्टी शीघ्र ही प्रधानमंत्री पद के दावेदार का नाम जाहिर करेगी. ”

जबकि लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज का कहना था, “देश और पार्टी चलाने के लिए अनुभव और दृष्टिकोण की जरूरत पड़ती है. और आडवाणी जी में वो काबिलियत है.”

खुद सुषमा स्वराज के बारे में भाजपा के सहयोगी दल शिवसेना ने कहा था कि हम ये मानते हैं कि वो प्रधानमंत्री बनने लायक हैं.

दूसरे सहयोगी दल जद(यू) ने पहले ही मांग की है कि भाजपा को पीएम प्रत्याशी का नाम जाहिर करना चाहिए.

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