पंजाब में चरमपंथ को बढ़ावा दे रही आईएसआई: शिंदे

sushil shinde
Image caption गृहमंत्री ने एनसीटीसी पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में कहा कि पड़ोसी देशों में भारत के नकली नोट अब भी छप रहे हैं.

केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि पाकिस्तान की खुफ़िया एजेंसी आईएसआई पंजाब में चरमपंथ को एक बार फिर ज़िंदा करने की कोशिश कर रही है.

दिल्ली में आतंरिक सुरक्षा पर मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन के दौरान शिंदे ने कहा कि पाकिस्तान से संबंधित कई चरमपंथी संगठन भारत और विदेशों में अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सिख युवाओं को खुद से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.

शिंदे ने कहा कि पाकिस्तान में अब भी कम से कम 21 चरमपंथी ट्रेनिंग कैंप चलाए जा रहे है. उन्होंने कहा कि भारत के पड़ोसी देशों में अब भी नकली नोट छापे जा रहे हैं जिसे भारत में तस्करी के जरिए भेजा जाता है.

आंतरिक सुरक्षा पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों की इस अहम बैठक में गृह मंत्री ने कहा कि सरकार उन सभी लोगों या संगठनों से बातचीत करने को तैयार है जो हिंसा छोड़कर समर्पण करना चाहते है.

राष्‍ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र यानी एनसीटीसी के स्वरूप पर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि नक्सली हिंसा के लिए इस देश में जगह नहीं है.

उन्होंने कहा, “नक्सली हिंसा के लिए भारत में कोई जगह नहीं है और सभी राज्यों और केंद्र सरकार को मिलकर इससे निबटना चाहिए.”

मनमोहन सिंह ने शहरी इलाक़ों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक प्रक्रिया की आवश्यकता पर बल दिया.

आंतरिक सुरक्षा पर चर्चा

एनसीटीसी की इस बैठक में पुलिस व्यवस्था में सुधार, आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरों से लड़ने की रणनीति और क्षमता को बेहतर करने पर चर्चा की जानी है.

नकस्ली हिंसा और इससे निबटने की रणनीति पर इस बैठक में अलग से चर्चा की जानी है. साथ ही अपराध की रोकथाम और अपराधियों की पकड़ के लिए राज्यों के बीच बेहतर सामंजस्य बनाने पर भी चर्चा की जानी है.

खबरों के मुताबकि एनसीटीसी प्रस्ताव के नए स्वरूप पर भी कई राज्यों को आपत्तियां हैं. तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता और ममता बनर्जी ने इस बैठक में भी शामिल नहीं होने का फैसला किया है.

राज्यों को डर है कि एनसीटीसी कै मौजूदा स्वरूप से राज्यों के अधिकार प्रभावित होंगे. हालांकि इस नए प्रस्ताव में कई बदलाव किए गए हैं जिसपर आज चर्चा की जानी है.

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