मोदी के पक्ष में सबसे पहले बोलने वालों में था: यशवंत

Image caption यशवंत सिन्हा भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की गोवा बैठक में नहीं गए थे

भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की गोवा बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के न पहुंचने के पीछे तमाम अटकलें लगाई जा रही थीं. लाल कृष्ण आडवाणी, उमा भारती जैसे नेताओं के अलावा गोवा न पहुंचने वालों में भूतपूर्व वित्त मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा भी शामिल थे.

मोदी चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष बने

भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने नरेन्द्र मोदी को 2014 के लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार समिति का अध्यक्ष घोषित कर दिया है.

इसके बाद यशवंत सिन्हा ने पत्रकारों के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा, "मैं भाजपा के अंदर मोदी के पक्ष में सबसे पहले बोलने वालों में था. क्योंकि पार्टी के कार्यकर्ता और जनता यही चाहते थे. कांग्रेस पार्टी या किसी अन्य पार्टी में उनके जोड़ का कोई नेता नहीं है.यह सच है कि मैं गोवा नहीं गया लेकिन इसके पीछे राजनीतिक नहीं बल्कि कुछ निजी कारण थे. मुझे अपनी निजता बनाए रखने का पूरा हक है."

आडवाणी सबसे सम्मानित

Image caption आडवाणी भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की गोवा बैठक में नहीं शामिल हुए

सिन्हा ने पत्रकारों से बातचीत में आडवाणी पर भी बात की. उन्होंने कहा,"भारतीय संस्कृति एवं मूल्य हमें अपने बुजुर्गों का सम्मान करने की शिक्षा देते हैं. इसी भावना के तहत मैंने एक पत्रकार से कहा था कि यदि आडवाणी जी तैयार हों तथा भाजपा संसदीय बोर्ड उनके पक्ष में निर्णय ले और यदि एनडीए के पास मौका आता है तो नेतृत्व को लेकर होने वाली चर्चाओं को समाप्त हो जाना चाहिए.कल उनके घर के सामने जो हुआ वह पूर्णत: निंदनीय है. कोई भी व्यक्ति यदि इसके उलट कोई हरकत करता है तो उसका विरोध करने वालों में मैं सबसे आगे रहूंगा."

सिन्हा ने मीडिया के ऊपर उनकी बात को गलत ढंग से पेश करने का आरोप लगाया.

उधर कांग्रेस ने मोदी को चुनाव समिति अध्यक्ष बनाए जाने पर कहा है कि पार्टी लड़ाई के लिए तैयार है.

कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा, “ये पार्टी देश कैसे चलाएगी जब वो अपने नेताओं को ही एक साथ नहीं रख सकती. हम नरेंद्र मोदी से डरते नहीं है. हम लड़ाई के लिए तैयार हैं.”

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