आडवाणी इस्तीफे का फैसला बदलें: मोदी

  • 10 जून 2013
आडवाणी
Image caption सुषमा स्वराज ने पत्रकारों से कहा है कि उन्हें विश्वास है कि वो आडवाणी को इस्तीफ़ा वापस लेने के लिए मना लेंगी.

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जहां लाल कृष्ण आडवाणी के इस्तीफे को स्वीकार करने से इंकार कर दिया है वहीं पार्टी के अन्य नेताओं ने आडवाणी को इस्तीफा वापस लेने के लिए मना लेने की बात कही है.

वहीं नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर कहा है कि उन्होंने आडवाणी से फोन पर बात की है और उनसे अपने फैसले पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया है.

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने पार्टी के महत्वपूर्ण पदों से सोमवार को इस्तीफ़ा दे दिया है.

पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह को भेजे एक पत्र में आडवाणी ने कहा है, ‘‘ मैंने फैसला किया है कि मैं पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी, संसदीय बोर्ड और चुनाव समिति से इस्तीफ़ा दे दूं और इस पत्र को मेरा इस्तीफ़ा माना जाए.’’

इस मुद्दे को लेकर भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह के घर में पार्टी नेताओं की बैठक हुई जिसमें अरुण जेटली और वैंकेया नायडू ने हिस्सा लिया.बैठक के बाद वैंकेया नायडू ने कहा है कि आडवाणी को मनाने की कोशिश की जाएगी.

सुषमा स्वराज, नेता विपक्ष

सुषमा स्वराज ने पत्रकारों से कहा, "आडवाणी जी से मेरी फ़ोन पर बात हुई है और मैंने उनसे कहा कि मैं आपसे मिलने आ रही हूं, मुझे विश्वास है कि हम उन्हें मना लेंगे. दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन जैसे शीर्ष नेता को ऐसा करना पड़ा, हम उन्हें मना लेंगे."

(पूरी रिपोर्ट: आडवाणी ने भाजपा के पद छोड़े, पार्टी में संकट)

राम माधव, आरएसएस

राम माधव ने ट्विटर पर कहा, "आडवाणी का इस्तीफ़ा दुर्भाग्यपूर्ण है और उम्मीद है कि पार्टी उन्हें इस्तीफ़ा वापस लेने के लिए मना लेगी."

राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष

राजनाथ सिंह ने ट्विटर पर लिखा, "मैंने श्री आडवाणी जी का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है."

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

पीटीआई के मुताबिक कांग्रेस ने आडवाणी के इस्तीफ़े पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "आडवाणी का इस्तीफ़ा नरेंद्र मोदी की पदोन्नति का पहला परिणाम है."

महेश तवासे, एनसीपी

पीटीआई के अनुसार कांग्रेस के साथी दल एनसीपी के प्रवक्ता महेश तपासे ने लालकृष्ण आडवाणी के इस्तीफ़े पर चुटकी लेते हुए कहा कि 'बीजेपी पार्टी विथ ए डिफ्रेंस है और आडवाणी के इस्तीफ़े से ये साबित भी होता है.'

उन्होंने कहा, "बीजेपी नमो-निया से पीड़ित है और एनडीए का भविष्य तय हो चुका है. यूपीए 2014 के लोकसभा चुनाव में विजयी होकर वापस आएगी."

शरद यादव, जेडीयू

शरद यादव ने पीटीआई को दी अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि लालकृष्ण आडवाणी का इस्तीफ़ा चौकाने वाला है. उन्होंने कहा कि वो और लोगों से मिलकर इस मामले पर चर्चा करेंगे.

सुखबीर सिंह बादल, अकाली दल के नेता

सुखबीर सिंह बादल ने पत्रकारों से कहा, "ये बीजेपी का अंदरूनी मामला है, हम बीजेपी के साथ है, जो फैसला बीजेपी करेगी उसे मानेंगे."

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