वरिष्ठ कांग्रेसी नेता वीसी शुक्ल का निधन

विद्या चरण शुक्ल
Image caption विद्या चरण शुक्ल छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के लिए प्रचार में जुटे हुए थे.

करीब दो हफ्ते पहले छत्तीसगढ़ में हुए एक नक्सली हमले में बुरी तरह से ज़ख़्मी हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल का गुड़गांव के एक अस्पताल में मंगलवार दोपहर निधन हो गया.

वे गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे और करीब 15 डॉक्टरों की एक टीम उनकी देखभाल कर रही थी. इनमें क्रिटिकल केयर, गैस्ट्रो इंटेस्टिनल सर्जरी और ऑर्थोपीडिक्स विभाग के डॉक्टर शामिल रहे.

नक्सली हमले में ज़ख़्मी विद्याचरण शुक्ल को सबसे पहले जगदलपुर के अस्पताल ले जाया गया था. वहां से 24-25 मई की रात मेदांता की एयर एंबुलेंस छत्तीसगढ़ से विद्याचरण शुक्ल को लेकर गुड़गांव आई थी.

गंभीर हालत

मेदांता अस्पताल द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि गोलीबारी के कारण उनके सीने, पेट और जाँघों में चोट आई थी और जब वह मेदांता के आईसीयू में पहुँचे तब उनकी हालक काफी गंभीर थी.

विज्ञप्ति में बताया गया कि आंतों और लीवर के आपरेशन के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका.

मेदांता अस्पताल में क्रिटिकल केयर और अनेस्थिसियोलॉजी संस्थान के अध्यक्ष यतिन मेहता ने बताया कि शुक्ल के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था. गोलियों के कई घाव और उनकी अधिक उम्र के कारण जोखिम काफी बढ़ गया था.

विद्याचरण शुक्ल अपने पीछे पत्नी और तीन पुत्रियों को छोड़ गए हैं.

पिछले सप्ताह आश्चर्यजनक रूप से विद्याचरण शुक्ला की सेहत में काफी सुधार हुआ था, लेकिन एक इंफेक्शन के कारण उनकी दशा फिर से बिगड़ गई.

गहरा अनुभव

Image caption विद्याचरण शुक्ल के निधन पर छत्तीसगढ़ सरकार ने तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है.

विद्याचरण शुक्ल जानेमाने वकील, स्वतंत्रता सेनानी और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रविशंकर शु्क्ल के बेटे थे, जो पुनर्गठित मध्य प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री भी थे.

शुक्ल नौ बार लोकसभा के लिए चुने गए. वह इंदिरा गाँधी सरकार के दौरान सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री भी बने और आपातकाल के दौरान उनकी भूमिका विवादों के घेरे में भी रही.

छत्तीसगढ़ के बस्तर ज़िले में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा से लौटने के दौरान नक्सलियों ने जीरम घाटी के क़रीब कांग्रेस नेताओं पर हमला कर दिया था जिसमें शुक्ल बुरी तरह से घायल हो गए.

उनके अलावा इस हमले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, कांग्रेस नेता और सलवा जुडूम से जुड़े रहे महेंद्र कर्मा और विधायक उदय मुदलियार समेत 28 लोगों की मौत हो गई थी.

शोक संवेदना

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विद्याचरण शुक्ल के निधन पर शोक व्यक्त किया है. प्रधानमंत्री ने कहा है कि यह बहुत ही दुखद है.

गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने संवाददाताओं को बताया कि विद्याचरण शुक्ल के परिवार की इच्छा के अनुसार उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा.

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने विद्याचरण शुक्ल के निधन पर तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है.

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