बिहार बंद: कल के दोस्तों के बीच आज चले लाठी-डंडे

बिहार बंद
Image caption इस बिहार बंद को भाजपा और जदयू के राजनीतिक संघर्ष की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है.

सहयोगी पार्टी जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से बाहर निकल जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को विश्वासघात दिवस का ऐलान करते हुए बिहार बंद का आयोजन किया.

इस सिलसिले में मंगलवार सवेरे जब बंद के विरोध में जदयू के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला और यह जुलूस भाजपा कार्यालय के सामने से गुजर रहा था तो दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़पें हो गईं.

इस झड़प में दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे के खिलाफ लाठी-डंडों और लात-घूसों का जमकर इस्तेमाल किया.

इस कारण दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ता जख्मी हो गए. जदयू के एक कार्यकर्ता का सिर फट गया और भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता का हाथ टूट गया.

जिस समय दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में यह भिड़ंत हुई उस समय वहाँ पुलिस मौजूद नहीं थी.

मारपीट की पहल

Image caption भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता का हाथ टूट गया है.

घटना के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडे ने बीबीसी से कहा, "मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उकसावे पर जदयू के लोगों ने बंद समर्थक भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला किया है."

जबकि दूसरी ओर जदयू के प्रवक्ता संजय सिंह ने बताया कि मारपीट की पहल भाजपा कार्यकर्ताओं की तरफ से हुई.

उन्होंने यह भी बताया कि इस हमले में जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन और उनके भाई घायल हुए हैं.

इसी दौरान जदयू दफ्तर के सामने एक गाड़ी से किसी व्यक्ति ने रायफल लहराई थी. वहाँ जमा लोगों ने जब इसका विरोध किया तो रायफल गाड़ी में लेकर वह व्यक्ति भाग गया.

पुलिस ने बाद में बताया कि वह रायफल और गाड़ी जदयू के किसान प्रकोष्ठ के एक नेता की थी.

गिरफ्तारियाँ

Image caption नीतीश कुमार ने बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा को भाजपा की बौखलाहट बताया है.

भाजपा नेता मंगल पांडे का आरोप है कि जब भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ तो जदयू के जुलूस के पीछे एक एम्बुलेंस में हथियार बंद पुलिस बैठी हुई थी.

इस घटना के बाद रोष में भाजपा का एक बहुत बड़ा जत्था सड़कों पर निकला जिसमें डॉक्टर सीपी ठाकुर, सुशील कुमार मोदी, राजीव प्रताप रूड़ी, शाहनवाज हुसैन, और रविशंकर प्रसाद जैसे प्रमुख भाजपा नेता शामिल थे.

बाद में इन नेताओं ने डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तारियाँ दीं.

उधर राज्य के अन्य हिस्सों से मिली सूचनाओं के अनुसार बंद का व्यापक असर हुआ है.

खासकर छोटी दुकानों और बाजारों से लेकर बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे.

रेल सेवाएं बाधित

सड़कों पर लंबी दूरी की बसें नहीं चलीं. बंद समर्थकों ने कहीं कहीं रेल सेवाओं को भी बाधित किया.

इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हिंसक झड़पों की खबर के सिलसिले में कहा है कि यह भाजपा की बौखलाहट का परिणाम है.

उधर लालू प्रसाद यादव ने दोनों पार्टियों की इस हालत पर चुटकी लेते हुए कहा, "ये दोनों आपस में लड़ कट कर मरेंगे और इसका फायदा राष्ट्रीय जनता दल को मिलेगा."

लालू यादव ने यह भी कहा, "आडवाणी के जो दो तोते हैं. शरद यादव और नीतीश कुमार. वे दोनों अपने बयानों में अब ये कहने लगे हैं कि भाजपा आडवाणी को प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी बनाने पर अगर सहमत हो जाए तो टूटा हुआ गठबंधन फिर जुड़ सकता है."

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