उत्तर भारत में बाढ़ का तांडव, 79 मौतें

  • 18 जून 2013
उत्तराखंड
Image caption उत्तराखंड में बाढ़ का क़हर जारी

मॉनसून की भारी बारिश उत्तर भारत के कई इलाक़ो में क़हर बरपा कर रही है.

पूरे उत्तर भारत में मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 70 लोग मारे जा चुके हैं और तमाम इलाकों में लगभग 70,000 लोग फंसे हुए हैं.

सेना, बीएसएफ़ और आइटीबीपी के अधिकारी राहत कार्यों में लगे हैं लेकिन मौसम की ख़राबी और लगातार हो रही बारिश की वजह से बचाव के काम में मुश्किलें पैदा हो रही हैं.

भारी बारिश और बाढ़ का सबसे ज़्यादा असर उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में देखा जा रहा है.

उत्तराखंड

Image caption उत्तराखंड में भारी तबाही मची है.

उत्तराखंड में समय से काफी पहले और विकराल रूप में आया मानसून चौतरफा तबाही के बाद अब कुछ थमा हुआ नजर आ रहा है लेकिन जगह-जगह से भूस्खलन और मलबा आने की खबरों के बीच मरनेवालों की संख्या 54 हो चुकी है, आशंका है कि मौत का आंकड़ा और बढ़ सकता है क्योंकि अभी भी कई लोग लापता हैं.

देहरादून से शालिनी जोशी का कहना है कि चार धाम के रास्ते अभी तक नहीं खुल पाए हैं और 30 हज़ार से अधिक यात्री अभी भी जगह-जगह फंसे हुए हैं .

जोशीमठ से गोविदघाट इलाक़े में हेलिकॉप्टर की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू हो गया है.

जोशीमठ में स्थानीय डाक्टर संजय डिमरी ने बताया कि वहां फंसे कई तीर्थयात्री बीमार हो गए हैं. क्रिकेट खिलाड़ी हरभजन सिंह अब भी औली के आईटीबीपी के गेस्ट हाउस में हैं और उन्हें प्रशासन ने फ़िलहाल वहीं रूके रहने की सलाह दी है.

उत्तराखंड के आपदा विभाग के निदेशक पीयूष रौतेला ने बताया कि रामबाड़ा में पुलिस स्टेशन भी खाली करा लिया गया था और वहां से अब भी संचार संपर्क कटा हुआ है. वहां दो पुलिसकर्मियों की भी मौत की ख़बर है.

शालिनी जोशी के अनुसार उत्तरकाशी में भारी तबाही के बाद भागीरथी का जलस्तर कुछ कम हुआ है लेकिन ऋषीकेश और हरिद्वार के मैदानी इलाक़ों में गंगा ख़तरे के निशान से काफ़ी ऊपर उफ़न रही है. नदी के पास के मकान और इमारतें खाली करा ली गई हैं. देहरादून में हलके बादल छंटने के बाद कुछ धूप निकली है.

आईटीबीपी, बीआरओ और सेना की मदद ली जा रही है लेकिन कई इलाक़ों से संपर्क और सूचनाएं अभी भी नहीं मिल पा रही हैं, लिहाज़ा जान-माल की क्षति का सही-सही अंदाज़ा लगाना मुश्किल हो रहा है.

गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ की चार धाम यात्रा करने आए तीर्थयात्री रास्ते बंद होने से अब तक जगह-जगह फंसे हुए हैं. रास्तों को खोलने की कोशिश की जा रही है लेकिन लगातार पहाड़ और चट्टानें टूटने और पेड़ उखड़ने से रास्ते कई जगह पर कई-कई मीटर तक बह गए हैं.

उत्तराखंड के मौसम विभाग के निदेशक आनन्द शर्मा के अनुसार अब आनेवाले दिनों में बारिश का ज़ोर कुछ कम हो जाएगा. हांलाकि मॉनसून का असर क़ायम रहेगा.

अधिकारियों के अनुसार रूद्रप्रयाग में सबसे ज़्यादा 20 लोगों की मौत हुई है जबकि चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी ज़िलों में दो-दो लोग, देहरादून में तीन और अल्मोड़ा में एक व्यक्ति की मौत हो गई है.

हिमाचल प्रदेश

पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश ने हिमाचल प्रदेश को भी अपना निशाना बनाया जहां अब तक 10 लोग मारे गए हैं.

सबसे ज़्यादा तबाही का मंज़र आदिवासी किन्नौर ज़िले में देखा गया जहां भूस्खलन के कारण कई अहम सड़कें जाम हो गईं हैं. लगभग 1700 पर्यटक और स्थानीय लोग अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं.

किन्नौर ज़िले में फ़से लोगों में तक़रीबन 25 विदेशी और दूरदर्शन की एक टीम भी शामिल हैं.

उधर सांगला घाटी में 60 घंटों तक फंसे रहने के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को मंगलवार की सुबह सुरक्षित निकाल लिया गया.

राज्य के अधिकारियों के अनुसार कांग्रेस पार्टी के ज़रिए भाड़े पर लिए गए हेलिकॉप्टर की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया.

उनके अलावा लगभग एक दर्जन बीमार और बूढ़े लोगों को सरकारी हेलिकॉप्टर के ज़रिए निकाल कर रामपुर लाया गया.

लेकिन अभी भी वहां 700 से ज़्यादा लोग फंसे हुए हैं.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह 23 जून को होने वाले मंडी लोकसभा उपचुनाव के लिए वहां प्रचार करने के लिए गए थे.

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में भी बाढ़ का क़हर जारी है जहां विभिन्न घटनाओं में 15 लोगों के मारे जाने की ख़बर है. उत्तराखंड में हुई भारी बारिश के कारण निकटवर्ती उत्तर प्रदेश के सहारनपूर ज़िले में बाढ़ आ गई.

राज्य के क़ानून व्यवस्था के पुलिस महानिरीक्षक आरके विश्वकर्मा के अनुसार 45 लोग बाढ़ में फंसे हुए थे जिन्हें वायुसेना की मदद से निकालकर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है.

हरियाणा

हरियाणा में यमुना का जलस्तर काफ़ी बढ़ गया है जिसके कारण यमुनानगर समेत कई इलाक़ों में बाढ़ आ गई है. यमुना का जलस्तर बढ़ने से करनाल, पानीपत और सोनीपत में चेतावनी जारी कर दी गई है.

राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव(राजस्व व आपदा प्रबंधन) कृष्ण मोहन के अनुसार यमुनानगर में रविवार सुबह से फंसे 52 लोगों को सेना और राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल की मदद से बचा लिया गया है.

अधिकारियों के अनुसार दिल्ली के कुछ निचले इलाक़ो में भी पानी के घुसने की आशंका है.

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