तस्वीरें: देखिए कितने पानी में है दिल्ली!

दिल्ली बाढ़

यमुना के तट पर बसे निचले इलाकों में बने तमाम घर और दुकानें जलमग्न हो चुकीं हैं.समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार गुरुवार को भी दिल्ली में बाढ़ का ख़तरा मंडरा रहा है.

मूसलाधार बारिश में देश की राजधानी दिल्ली ही नहीं, कई और राज्य भी प्रभावित हुए हैं. दिल्ली में करीब दो हज़ार लोगों को उनके घरों और दुकानों से निकालकर ऊंची जगहों पर बने सरकारी राहत शिविरों में ले जाया गया है.

कई जगहों पर बचाव दल के कार्यकर्ता नालियों से पानी निकालने की मशक्कत कर रहे हैं.

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यमुना किनारे स्थित मशहूर 'तिब्बती मार्केट' को भारी नुकसान हुआ है. यह मार्केट पानी में पूरी तरह डूबी है.

तिब्बती बाज़ार में पानी को और ज़्यादा भरने से रोकने के लिए रेत के बोरों का इस्तेमाल किया जा रहा है. बड़ी संख्या में बचाव कार्यकर्ता जुटे हुए हैं. तिब्बती मार्केट के बाहर नागरिक सुरक्षा बचाव दल के कार्यकर्ता भी मौजूद हैं.

इस इलाके में तिब्बत से बड़ी तादाद में आकर लोग बसे हुए हैं. ये तिब्बती अप्रवासी यहां रच बस चुके हैं. अब यह इलाका उनका 'घर' बन चुका है.

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यमुना नदी का बढा हुआ जलस्तर गुरुवार को घटना शुरू हो सकता है.

इस बीच, जलमग्न इलाकों से अतिरिक्त पानी को निकालने के लिए पंप की मदद ली जा रही है. कार्यकर्ताओं का दल पूरी मुस्तैदी से लगा हुआ है.

किसी भी विपदा से निपटने के लिए कुछ अतिरिक्त अग्निशमन दल और नौकाओं का भी इंतज़ाम है.

उत्तराखंड और दूसरे पहाड़ी इलाकों में तबाही मचाने के बाद मानसून का असर दिल्ली तक पहुंच चुका है. यमुना में जल का स्तर 207.49 मीटर के स्तर पर पहुंच गया है. अब तक के इतिहास में यह जलस्तर सबसे उच्चतम माना जा रहा है.

कुछ इलाकों में तो पानी लोगों के घरों में घुस गया और सड़कों पर नावें भी चलने लगीं. यमुना के किनारे बाक़ी दिल्ली से नीचे बसे इलाकों के लोगों में ख़ौफ़ बना रहा. एक अनुमान के मुताबिक जलमग्न इलाकों से अब तक करीब 5000 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है.

यमुना का पानी अंतरराज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) के पास रिंग रोड तक पहुंच गया है. कई जगहों पर सिविल डिफेंस रेस्क्यू वर्करों को बुलाया गया है.

किसी भी आपदा से निपटने के लिए सड़कों के किनारे दिल्ली अग्निशमन सेवा की गाड़ियां खड़ी हैं.

सरकार ने बाढ़ के हालात में सेना को सतर्क रहने और प्रशासन की मदद के लिए तैयार रहने को कहा है. यमुना में पानी बढ़ने के बाद पूर्वी दिल्ली को बाकी शहर से जोड़ने वाला 145 साल पुराना यमुना ब्रिज रेल और सड़क यातायात के लिए रोक दिया गया है.

यमुना के बाढ़ के पानी में कई कारें, स्कूटर, बसें, ट्रक और साईकिलें जलमग्न हैं.

यमुना में बाढ़ की वजह से दिल्ली के जिन इलाकों पर असर पड़ा है, वो हैं- सोनिया विहार, गीता कॉलोनी, शाहदरा, झील-खुरंजा, लक्ष्मी नगर, शकरपुर, त्रिलोकपुरी, ओखला, ज़ाकिर नगर, कश्मीरी गेट के पास मोनेस्ट्री, गांधी नगर, मुखर्जी नगर, किंग्स्वे कैंप, मॉडल टाउन, आज़ादपुर मंडी, उस्मानपुर, भजनपुरा, शास्त्री नगर, सीलमपुर और वेलकम.

दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित इलाकों के लोग आईएसबीटी कश्मीरी गेट पर मौजूद बाढ़ नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं. इसके नंबर हैं- 9990558386 और 011 -23862164.

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