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Image caption जॉन कैरी का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से ही फ़ोन कॉल्स और ईमेल पर नज़र रखी जा रही है

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी का कहना है कि अमरीका सरकार खुफिया विश्लेषक एडवर्ड स्नोडेन को पकड़ने की पूरी कोशिश कर रही है और इस सिलसिले में रूस के साथ ही दक्षिण अमरीकी देशों से बात की जा रही है.

भारत की यात्रा पर आए जॉन केरी ने कहा कि अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) द्वारा फ़ोन कॉल्स के रिकॉर्ड और इंटरनेट डाटा की निगरानी सुरक्षा की दृष्टि से ही की जाती है.

केरी ने भारत को अमरीका का महत्वपूर्ण सहयोगी बताया और द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने पर ज़ोर दिया.

संबंधों पर असर

एडवर्ड स्नोडेन अमरीका से भागकर हॉन्गकॉन्ग पहुंचे थे. वहाँ से वे रविवार सुबह रवाना होकर मॉस्को पहुंच गए हैं. उन्होंने इक्वाडोर से शरण भी मांगी है.

इस मामले पर अमरीकी विदेशमंत्री ने कहा कि दक्षिण अमरीकी देशों को बता दिया गया है कि स्नोडन अमरीका में वांछित हैं.

उन्होंने कहा कि हांगकांग के साथ अमरीका की प्रत्यर्पण संधि है और अगर उसने सही जानकारी होते हुए भी स्नोडन को जाने दिया है तो इसका असर आपसी संबंधों पर पड़ेगा.

इस मामले पर हॉन्गकॉन्ग सरकार ने कहा था कि अमरीकी सरकार प्रत्यर्पण की आवश्यक्ताएँ पूरी नहीं कर सकी थी.

रूस के मामले पर केरी ने कहा कि पिछले दो साल में अमरीका ने रूस को सात ऐसे लोगों को सौंपा है जिनकी उसने मांग की थी.

रूस को इसका ख़्याल रखना चाहिए कि कानून का पालन किया जाना बहुत ज़रूरी है.

सुरक्षा के लिए

Image caption जॉन कैरी और सलमान खुर्शीद ने एक साझा प्रेस कांफ्रेंस को भी संबोधित किया

अमरीका में आम नागरिकों के फ़ोन और ईमेल चेक किए जाने के मामले पर जॉन केरी का कहना था कि इस बारे में बहुत भ्रामक और ग़लत जानकारियां दी गई हैं.

उनका कहना था कि अमरीका में लागू कानून के अनुसार कोई फ़ोन पर लोगों की बातें नहीं सुनता, निजी मेल नहीं देखता. यह कंप्यूटर द्वारा किया जा रहा एक आकस्मिक सर्वेक्षण होता है.

यह किसी भी नाम की नहीं नंबर की अचानक जांच करता है कि कहीं वह किसी आंतकी समूह से तो नहीं जुड़ा हुआ है.

अगर कोई संबंध मिलता है तो कानूनी प्रक्रिया का पालन कर आगे की कार्रवाई की जाती है.

उन्होंने कहा कि अमरीका के कार्यपालिका, विधायिका और न्यायिक तंत्र तीनों इसके बारे में जानते हैं.

उन्होंने इस प्रक्रिया को सही ठहराने की कोशिश करते हुए कहा कि हम अब एक ऐसे समय में रह रहे हैं जहां कुछ लोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करने के बजाय लोगों की हत्या करने में यकीन करते हैं.

बॉस्टन मैराथन का ज़िक्र करते हुए केरी ने कहा कि लोगों ने हमसे पूछा कि आपने संदिग्ध चरमपंथियों को पहले ही क्यों नहीं रोका. वह इसलिए कि हम लोगों की निजी ईमेल नहीं देखते हैं.

भारत के विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने अमरीकी राष्ट्रपति का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी कोशिशों के चलते ही कई देशों में आतंकी हमलों को रोका जा सका है.

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