मिस्र में मुर्सी के खिलाफ बड़े प्रदर्शन की तैयारी

मिस्र में सरकार विरोधी प्रदर्शन

मिस्र में राजधानी काहिरा के ऐतिहासिक तहरीर चौक पर हजारों लोग जमा हैं और वहां बड़ी सरकार विरोधी रैली की तैयारियां हो रही हैं.

प्रदर्शकारी राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. बतौर राष्ट्रपति मुर्सी रविवार को ही एक साल पूरा कर रहे हैं.

राष्ट्रपति के विरोधी उन पर आर्थिक और सुरक्षा मुद्दों से निपटने में विफल रहने का आरोप लगा रहे हैं.

मोहम्मद मुर्सी के समर्थक भी अपनी रैली निकालने की योजना बना रहे हैं, जिससे तनाव का माहौल है.

मिस्र में 30 जून के प्रदर्शन के बारे में काफी दिनों से चर्चाएं चल रही थीं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक मुर्सी इस्तीफा देकर देश में ताजा राष्ट्रपति चुनाव कराने की घोषणा नहीं करेंगे, वो जमे रहेंगे.

विपक्ष का कहना है कि उन्होंने मुर्सी के इस्तीफे के समर्थन में 2 करोड़ 20 लोगों के हस्ताक्षर जुटाए हैं.

प्रदर्शनकारी इस्लामपंथी राष्ट्रपति और उनके दल मुस्लिम ब्रदरहुड के लोगों की नीतियों से नाराज़ हैं.

इससे पहले शुक्रवार को मिस्र में प्रदर्शन के दौरान एक अमरीकी नागरिक सहित तीन लोग मारे गए.

अमरीका, ब्रिटेन और फ़्रांस ने अपने नागरिकों को मिस्र न जाने और बड़ी जनसभाओं में शामिल ना होने की हिदायत दी है.

Image caption राष्ट्रपति आवास पर विरोध करते लोग

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मिस्र के सभी दलों से हिंसा से दूर रहने की अपील की है. उन्होंने पुलिस और सेना से भी संयम बरतने को कहा है.

मिस्र के उत्तरी शहर एलेग्जेंड्रीया में शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान एक अमरीकी नागरिक एंड्रू पोचर और मिस्र के एक नागरिक की मौत हो गई थी.

वहीं पोर्ट सैद में हुए एक धमाके में एक व्यक्ति मार गया और पाँच घायल हुए. बताया जा रहा है कि मारा गया व्यक्ति एक पत्रकार था.

इस हफ्ते की शुरुआत में राष्ट्रपति मुर्सी ने बातचीत की पेशकश की थी जिसे विपक्ष ने ठुकरा दिया.

मिस्र में 2011 में हुई क्रांति के बाद पिछले साल हुए चुनावों के बाद मोहम्मद मुर्सी ने 30 जून को राष्ट्रपति पद संभाला था. हालांकि इस दौरान जहां राजनीतिक असंतोष बना रही वहीं देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान उठाना पड़ा है.

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