ब्रिटिश और एशियन मूल के लोगों के लिए नया बीएमआई

Image caption नये दिशा निर्देशों के मुताबिक एक स्वस्थ व्यक्ति का वजन उसके बॉडी मास इंडेक्स के हिसाब से होना चाहिए

सुरक्षा सलाहकारों ने ब्रिटिश एशियाई लोगों के मोटापे को मापने के नए मानदंड निर्धारित किए हैं.

नेशनल इंस्टिच्यूट ऑफ़ हेल्थ एंड केयर एक्सीलेंस के मुताबिक़ इन्हें और अन्य सजातीय लोगों को अपने वज़न को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि वे मधुमेह जैसी बीमारियों से ग्रस्त हैं.

विश्‍व स्वास्थ्य संगठन की सिफ़ारिशों के अनुरूप बीएमआई के इस सख़्त मानदंड ने ब्रिटेन को भारत के साथ लाकर खड़ा कर दिया है.

नए बीएमआई के अनुसार पाँच फ़ीट 11 इंच लंबे एक एशियाई पुरुष का वज़न 75 किलोग्राम से कम, जबकि पाँच फ़ीट तीन इंच लंबी एक महिला का वज़न 59 किलोग्राम से कम होना चाहिए.

बॉडी मास इंडेक्स

नए दिशा निर्देशों के मुताबिक़ एक स्वस्थ व्यक्ति का वज़न उसके बॉडी मास इंडेक्स के हिसाब से होना चाहिए. बीएमआई एक तरीक़ा है जिससे यह देखा जा सकता है कि आपका वज़न आपकी लंबाई के मुताबिक है या नहीं.

अपने भार(किलोग्राम में) को अपनी लंबाई(मीटर में) से विभाजित करके कोई भी व्यक्ति अपना बीएमआई स्कोर निकल सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार ब्रिटेन के सभी व्यस्कों को स्वस्थ रहने के लिए 25 से कम बीएमआई हासिल करना होगा.

लेकिन, नेशनल इंस्टिच्यूट ऑफ़ हेल्थ एंड केयर एक्सीलेंस के अनुसार कुछ नस्लों के लिए बीएमआई का इतना स्कोर भी पर्याप्त नहीं है. नए दिशा निर्देश कहते हैं कि नस्लों का बीएमआई 23 से कम होना चाहिए.

शरीर में मौजूद अतिरिक्त चर्बी से टाइप-2 डायबिटीज़ 50 प्रतिशत, हृदय की बीमारी और कैंसर होने का ख़तरा पाँच प्रतिशत तक बढ़ जाता है

काले, एशियाई और दूसरे अल्पसंख्यक जातीय समूहों में ज़्यादा स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद बढ़ती मोटापे की दर श्वेत आबादी के समान ही है.

रॉयल कॉलेज ऑफ़ यूके के डॉक्टर रशेल प्रिक के अनुसार ये दिशा-निर्देश लोगों के लिए बहुत सहायक होंगे, ख़ासकर उनके लिए जो अपने स्वास्थ्य के प्रति बहुत संवेदनशील होते है.

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