नरेन्द्र मोदी के 'लक्ष्मण' ने फिर की राम की बात

Image caption बीजेपी राम मंदिर के मुद्दे पर लौट रही है

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी अमित शाह ने एक बार फिर रामलला का राग छेड़ा है.

अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के बाद अमित शाह ने कहा कि उन्होंने अयोध्या में भव्य मंदिर बनाने और कांग्रेस मुक्त भारत के लिए रामलला का आशीर्वाद मांगा है.

गुजरात के पूर्व गृह राज्य मंत्री अमित शाह गुजरात के मुख्यमंत्री और बीजेपी चुनाव प्रचार समिति के प्रमुख नरेंद्र मोदी के नज़दीकी माने जाते हैं.

अमित शाह का यह बयान आते ही उत्तर प्रदेश बीजेपी के नेता विजय सोनकर शास्त्री ने उनकी बात का समर्थन कर दिया. उन्होंने कहा कि भव्य राममंदिर बनना ही चाहिए.

अवध में दयनीय बीजेपी

सीपीआई नेता डी राजा का इस पर कहना है कि बीजेपी फिर से लोगों का धर्म के नाम पर ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रही है लेकिन लोग समझदार हैं बीजेपी का यह दांव उलटा पड़ेगा.

बीजेपी के पुराने सहयोगी जेडीयू के अध्यक्ष शरद यादव का कहना है कि अयोध्या विवाद आपसी बातचीत या अदालत के फ़ैसले के ज़रिए ही सुलझ सकता है.

उन्होंने कहा कि जब वह बीजेपी के साथ थे तब भी उनका यही मत रहा है.

अमित शाह बीजेपी की बैठक में शामिल होने अयोध्या पहुंचे हैं.

अयोध्या में अवध क्षेत्र की बैठक निपटाने के बाद उनका अगला पड़ाव गोरखपुर होगा. गोरखपुर में रविवार को बैठक आयोजित की गई है.

शाह का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. शाह की बैठक कारसेवकपुरम में है. कारसेवकपुरम ही कभी श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन का केंद्रबिंदु रहा था.

अवध क्षेत्र में बीजेपी की हालत बेहद खस्ता है. राम को भूल चुकी बीजेपी का जनाधार लगातार इस क्षेत्र में खिसका है. अवध क्षेत्र को लेकर पार्टी की बैठकें अब तक राजधानी लखनऊ में होती रही हैं.

पहली बार यह बैठक लखनऊ के बजाय अयोध्या में हो रही है.

अवध क्षेत्र में विधानसभा की कुल 81 सीटें हैं, जिनमें से केवल छह सीटें ही बीजेपी के पास हैं.

लोकसभा की 16 सीटों में से बीजेपी केवल लखनऊ सीट पर ही काबिज है. लेकिन यहां से राज्यसभा में पार्टी के दो सांसद कुसुम राय और विनय कटियार आते हैं.

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