सेक्स सीडी, साज़िश और सियासत

सीडी
Image caption तकनीक के युग में सेक्स सीडी राजनीतिक और सामाजिक प्रतिष्ठा खत्म करने का हथियार बनती जा रही है.

अपने सहायक के कथित यौन शोषण के आरोप में वित्‍त मंत्री पद से हटाए गए भाजपा के 79 साला उम्रदराज नेता राघवजी भाई की एक सीडी ने सूबे की सियासत में भूचाल ला दिया. इस मामले ने विपक्षी पार्टी कांग्रेस को संजीवनी दे दी है वहीं सत्तारूढ़ भाजपा की बोलती बंद है.

कुछ घंटे पहले तक इसे कांग्रेस की साज़िश बता रही भाजपा की तब और फ़जीहत हो गई जब पार्टी के ही एक नेता शिवशंकर पटेरिया ने सीडी तैयार कराने की जिम्मेदारी ले ली. पटेरिया कहते हैं कि उन्‍होंने पार्टी से गंदगी हटाने के लिए मंत्री की सीडी बनवाई.

मध्य प्रदेश की राजनीति में यह इस किस्म का यह कोई पहला मामला नहीं है. इस राज्य में और खास तौर पर भाजपा की अंदरूनी राजनीति में सेक्स सीडी किसी का सियासी करियर खत्म करने का सबसे मजबूत हथियार बन गई है.

इस तरह के मामले सामने आने के बाद नेता का पद तो छिनता ही है साथ में सामाजिक प्रतिष्ठा भी कम हो जाती है, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव संजय जोशी की राजनीति पर एक तरह का पूर्णविराम लगाने वाली सेक्स सीडी भी मध्य प्रदेश से ही निकली थी.

इस बार राज्य सरकार के एक मंत्री को अपने सहायक के साथ कथित अप्राकृतिक कृत्‍य करने के आरोप के कारण मंत्री पद से इस्‍तीफ़ा देना पड़ा है.

आरएसएस के गढ़ में

Image caption यौनाचार के आरोपों के बाद राघजवी को छोड़ना पड़ा पद

मध्य प्रदेश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या आरएसएस का गुजरात से भी पुराना गढ़ है. आरएसएस में संस्कारो और मर्यादा की बात पर सर्वाधिक ज़ोर दिया जाता है. और लंबे समय तक आरएसएस कोशिश करती रही है कि मध्य प्रदेश में संस्‍कारित स्‍वयं सेवक ही मंत्री बन पाएं.

य़ूँ तो तकनीक के इस युग में साज़िश के तहत किसी की भी सीडी तैयार कर उसकी छवि धूमिल करने की संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता, लेकिन जो पार्टी सार्वजनिक जीवन में हिंदू संस्कारों की बात करती आई हो उसके लिए इस तरह के आरोपों को भी नज़रअंदाज करना मुश्किल है.

ताज़ा मामले में उमा भारती की सरकार के दौरान सार्वजनिक उपक्रम वन विकास निगम के अध्‍यक्ष रहे भाजपा नेता शिवशंकर पटेरिया का कहना है कि उन्‍होंने राघवजी की सीडी ट्रेन के एसी कोच में तैयार कराई. शोषण का शिकार हुए उनके सहायक राजकुमार दांगी ने पुलिस को जो हलफ़नामा दिया है उसमें साफ़ तौर पर कहा गया है कि राघव जी लंबे समय से उसका यौन शोषण कर रहे थे.

ऐसे में कांग्रेस की राज्‍य इकाई के अध्‍यक्ष कांतिलाल भूरिया कहते हैं कि अब तक मध्‍यप्रदेश में महिलाएं और लड़कियां ही असुरक्षित थी, लेकिन अब पुरूष भी म‍हफूज़ नहीं बचे. विधानसभा में नेता विपक्ष अजय सिंह ने तो राघवजी के डीएनए टेस्ट की माँग तक कर दी है.

मंत्री पद गँवाने वाले राघवजी अपनी सफाई में बस इतना ही कह पाए कि उन्हें साज़िश के तहत फँसाया गया है. सवाल यह उठता है कि आखिर इस तरह की साज़िश मध्‍यप्रदेश में ही ज़्यादा क्यों होती है? मध्‍यप्रदेश आरएसएस का गढ़ रहा है. यहाँ उसके अनुयाइयों से जुड़े इस तरह के मामले कई सवाल खड़े करते हैं.

संजय जोशी

यह पहला मामला नहीं है जब नेता की सीडी या उससे जुड़े सेक्‍स स्‍कैंडल ने भाजपा को शर्मींदगी में डाला हो. भाजपा में कभी ताकतवर रहे महासचिव संजय जोशी से जुड़ी सीडी भी मध्‍यप्रदेश से ही जारी हुई थी.

जोशी संगठन महामंत्री थे जिसकी कमान सीधे आरएसएस के हाथ में रहती है. यह मामला 2006 का है बाद में राज्य पुलिस ने जोशी की सीडी को गलत करार दिया. लेकिन सीडी कांड के बाद से जोशी का राजनीतिक ग्राफ एकदम तेजी से गिरा और पद प्रतिष्‍ठा सब जाती रही.

शेहला मसूद केस कांड

Image caption शेहला हत्याकांड की जाँच के दौरान भी भाजपा नेता की कथित सीडी सामने आई.

आरटीआई एक्टिविस्ट शेहला मसूद हत्‍याकांड में भाजपा के एक विधायक ध्रुवनारायण सिंह के नाम आने से भी पार्टी को शर्मिंदगी उठानी पड़ी.

जांच में सामने आया कि धु्वनारायण सिंह से शेहला मसूद की नजदीकी, हत्‍या की साज़िश रचने वाली ज़ाहिदा परवेज़ को नागवार गुजरी और इंतकाम के लिए उसने शेहला की सुपारी भाड़े के हत्‍यारों को दे दी.

ज़ाहिदा की डायरी के पन्‍नों के राज सामने आने के बाद ध्रुवनारायण सिंह को पॉलीग्राफिक टेस्‍ट तक से गुजरना पड़ा था.

इससे पहले भाजपा के मंदसौर जिला इकाई के अध्‍यक्ष कारूलाल सोनी की एक महिला कार्यकर्ता के साथ आयी सीडी भी काफी चर्चित हुई थी. इस सीडी के स्‍थानीय टीवी चैनलों में प्रसारित होने के बाद प्रदेश भाजपा को उन्‍हें फ़ौरन पद से हटाना पड़ा था.

कांग्रेसी भी पीछे नहीं

लेकिन ऐसा नहीं है कि सिर्फ भाजपा नेताओं की ही सेक्स सीडियाँ सामने आई हों. कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता एनडी तिवारी के आंध्र प्रदेश का राज्यपाल रहते हुए सेक्स सीडी सामने आई थी.

तीन महिलाओं संग आपत्तिजनक स्थिति में दिख रहे एनडी तिवारी की वीडियो क्लिप तेलुगू चैनल ने प्रसारित कर दी थी जिसके बाद उन्हें राज्यपाल पद से इस्तीफा देना पड़ा था. अब तिवारी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में रहते है और मुलायम सिंह यादव के साथ ब्रामह्ण राजनीति में सक्रीय होने की जद्दोजहद में हैं.

सिंघवी की सीडी

राज्यसभा सांसद और वकील अभिषेक मनु सिंघवी की कथित सीडी भी इंटरनेट पर लीक हो गई थी. सीडी में सिंघवी एक महिला के साथ आपत्तिजनक अवस्था में दिख रहे थे.

दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा प्रसारण पर रोक लगाए जाने के बाद भी यह सीडी इंटरनेट पर आ गई थी जिसके बाद पार्टी ने सिंघवी के प्रवक्ता पद से हटा दिया था. हालाँकि बाद में उन्हें फिर से कांग्रेस का प्रवक्ता बना दिया गया.

भँवरी और मदेरणा

इससे पहले राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में मंत्री रहे महिपाल मदेरणा को भी कथित सेक्स सीडी के कारण इस्तीफा देना पड़ा. मदेरणा और नर्स भंवरी देवी के अवैध संबंध भी सेक्स सीडी के रूप में सामने आए.

ब्लैकमेलिंग के चक्कर में भँवरी देवी को अपनी जान तक गँवानी पड़ी. महिपाल मदेरणा अभी भी जेल में बंद है.

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