शिंदे: तेरह बम रखे गए थे महाबोधि मंदिर में

  • 8 जुलाई 2013
बोधगया
मंदिर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं

केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि गया के महाबोधि मंदिर में कुल 13 बम रखे गए थे. इनमें दस फटे जिसके चलते दो व्यक्ति घायल हुए.

शिंदे ने सोमवार को पुणे के तालेगांव में पत्रकारों को बताया कि 50 वर्षीय दोर्जी और 30 वर्षीय बाला संगा रविवार को गया में हुए विस्फोटों में घायल हुए हैं.

शिंदे ने कहा, "मेरे पास दस विस्फोटों की जानकारी है. कुल तेरह बम रखे गए थे. मैं ये नहीं बताऊंगा कि ये बम कहां रखे गए थे."

इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) ने एक व्यक्ति को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है.

मंदिर में धमाकों वाली जगह से एक व्यक्ति का पहचान पत्र मिला था, जिसके आधार पर जांच दल ने उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया.

मंदिर परिसर में खड़ी बस और बुद्ध की बड़ी प्रतिमा के पास धमाके हुए थे.

पुलिस ने धमाकों की सीसीटीवी फ़ुटेज भी जारी की है, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है.

(महाबोधि मंदिर में धमाकों के बाद की तस्वीरें)

सवालों के घेरे में सुरक्षा

रविवार को मंदिर में रखे गए सभी बम कम तीव्रता वाले थे. स्थानीय सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ये बम आतंक पैदा करने के लिए लगाए गए थे. मंदिर में हुए नौ धमाकों में दो लोग घायल हो गए थे.

इधर मंदिर की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं. मंदिर की सुरक्षा संभालने वाली बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति ने धमाकों के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से अपने हाथ खींच लिए है.

फिलहाल मंदिर की सुरक्षा बिहार पुलिस संभाल रही है. हालांकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंदिर की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सीआईएसएफ को सौंपे जाने की वकालत की है.

धमाकों पर राजनीति

मंदिर में रविवार को कुल नौ धमाके हुए जिनमें दो व्यक्ति घायल हो गए हैं

इस बीच धमाकों पर राजनीति भी शुरू हो गई है. बिहार में कुछ दिन पहले तक सत्तारूढ़ दल जनता दल यूनाइटेड के सहयोगी रही भारतीय जनता पार्टी ने मंदिर की सुरक्षा में चूक के मुद्दे पर गया और बोधगया में बंद बुलाया है.

उधर एक अन्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने मगध मंडल में बंद का आयोजन किया है.

गया के महाबोधि मंदिर में धमाकों से पहले आईबी ने दो बार बिहार सरकार को ऐसे किसी संभावित हमले की चेतावनी दी थी.

दिल्ली पुलिस ने भी पुणे सीरियल धमाकों के अभियुक्तों से पूछताछ में मिली जानकारी के अनुसार बिहार सरकार को किसी संभावित हमले की सूचना दी थी.

आईबी ने पंद्रह दिन पहले ही अलर्ट जारी किया था जिसमें मंदिर की सुरक्षा ख़तरे में होने की चेतावनी दी गई थी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉइड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फेसबुक या ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं)

संबंधित समाचार