बिहार सरकार को थी हमले की पूरी जानकारी: शिंदे

Image caption गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी बुधवार को महाबोधि मंदिर के दौरे पर थे.

केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि महाबोधि मंदिर में हमले की आशंका से जुड़ी खुफ़िया जानकारी बिहार सरकार को पहले ही दी जा चुकी थी.

गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी आज बोधगया के दौरे पर थे.

शिंदे ने कहा, ''दिल्ली पुलिस ने अक्तूबर में ही बिहार सरकार को खुफिया जानकारी दे दी थी. जुलाई की तीन तारीख को डीआईजी ने सुरक्षा की समीक्षा की थी और स्थानीय अधिकारियों से बात भी की थी. पूरी जानकारी थी पहले से, जांच में सब पता चल जाएगा.''

महाबोधि मंदिर की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ तैनात किए जाने की राज्य सरकार की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि फिलहाल सीआईएसएफ को सिर्फ औद्योगिक क्षेत्रों में तैनात किया जाता है. सरकार मंदिर में सीआईएसएफ़ की तैनाती पर विचार कर रही है.

इससे पहले सात जुलाई को हुए सीरियल धमाकों की जांच की ज़िम्मेदारी मंगलवार रात आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए को सौंप दी गई.

Image caption बोधगया धमाकों की जांच अब तक बिहार पुलिस का विशेष दल कर रहा था और एनआईए जांच में मदद कर रहा था.

अभी तक मामले की जांच बिहार पुलिस का एक विशेष दल कर रहा था और एनआईए इस काम में बिहार पुलिस की मदद कर रही थी.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मामले की जांच एनआईए से कराए जाने की सिफ़ारिश की थी.

उधर हमले की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच के दौरान हिरासत में लिए गए चार लोगों को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के आधार पर छोड़ दिया गया है. छोड़े गए इन चार लोगों में से एक व्यक्ति जनता दल यूनाइटेड का छात्र नेता भी है.

बिहार में शिंदे, सोनिया

धमाकों के बाद से ही बिहार में राजनीतिक हलचल तेज़ है. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह और राज्यसभा में नेता विपक्ष अरुण जेटली मंगलवार को बोधगया के दौरे पर थे, जबकि बुधवार को यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे बोधगया के दौरे पर थे.

राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा, “केंद्र सरकार बोधगया में स्थित बौद्ध मंदिरों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकती. इस जगह का वैश्विक महत्व है और दुनिया भर से लोग यहाँ दर्शन के लिए आते हैं.”

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने मंगलवार को कहा कि बोधगया हमले की जांच हो रही है और इसका निष्कर्ष जल्द ही सबके सामने आ जाएगा.

उधर राज्य सरकार ने इस घटना के बाद राज्य का अपना आतंकवाद निरोधक दस्ता यानी एटीएस गठित करने का फ़ैसला किया है.

महाबोधि मंदिर की सुरक्षा का ज़िम्मा बुधवार को बिहार सैन्य पुलिस के जिम्मे कर दिया गया. राज्य सरकार को इस तरह का औपचारिक प्रस्ताव देने में तीन दिनों का समय लग गया.

बिहार का एटीएस

Image caption बिहार में कैबिनेट बैठक के बाद राज्य एटीएस बनाने की घोषणा की गई.

मुख्य कैबिनेट सचिव ब्रजेश मल्होत्रा ने मंगलवार को राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि राज्य में 18 करोड़ 13 लाख रुपए की लागत से एटीएस गठित किया जाएगा.

बिहार एटीएस की अगुआई एक आईजी स्तर का अधिकारी करेगा, जिनके साथ एक डीआईजी, एसपी, 6 डीएसपी, 16 इंस्पेक्टर और 38 सब इंस्पेक्टर होंगे. पूरे दल में कुल 344 पद स्थापित किए जाने है.

बोधगया हमले को देखते हुए देश के उन इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है जहां जगन्नाथ रथयात्रा होनी हैं.

गुजरात के वडोदरा में रथयात्रा के दौरान सुरक्षा देने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं.

तिरुनल्लार के लॉर्ड सनीस्वरा मंदिर में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

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