सुप्रीम कोर्ट की सख़्ती

भारत
Image caption इस अध्यादेश के तहत ग़रीबों को सस्ता अनाज देने का प्रावधान है

क्या जन-प्रतिनिधियों के प्रति कड़ाई बरत रहा है सुप्रीम कोर्ट?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आपराधिक मामले में दो साल की सज़ा सुनाए जाने के बाद कोई विधायक या सांसद अपने पद पर नहीं बने रह सकता.

साथ ही अदालत ने एक और महत्वपूर्ण फ़ैसले में कहा है कि कोई भी व्यक्ति जेल के अंदर से चुनाव नहीं लड़ सकता, अगर ज़मानत मिल गई है तो चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाएगी.

हालाँकि ये फ़ैसला मौजूदा सांसदों या विधायकों पर लागू नहीं होगा लेकिन भविष्य में इसके लपेटे में वो सभी जनप्रतिनिधि आएँगे जिनके ख़िलाफ़ मुक़द्दमें चल रहे हैं.

क्या ये अदालत जनप्रतिनिधियों के प्रति ज़्यादा ही कड़ाई से पेश नहीं आ रही है?

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