पेट्रोल की कीमतें फिर बढ़ीं

भारतीय तेल
Image caption पिछले डेढ़ महीने में तेल कंपनियों की तरफ से की गई यह चौथी वृद्धि है

तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमतों में एक रुपए 55 पैसे की बढ़ोतरी की है, जिससे आम आदमी पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा. नई कीमतें रविवार आधी रात से प्रभावी हो गई है.

पिछले डेढ़ महीने में तेल कंपनियों की तरफ से की गई यह चौथी वृद्धि है.इस दौरान पेट्रोल की खुदरा कीमत लगभग पांच रुपए प्रति लीटर बढ़ चुकी है.

डीज़ल की कीमतों में फिलहाल वृद्धि नहीं की गई है.

टैक्स जोड़कर दिल्ली में पेट्रोल 1.86 रुपए महंगा हो गया है. दिल्ली में पेट्रोल की नई कीमत 68.58 रुपए से बढ़कर 70.44 रुपए प्रति लीटर हो गई है.

पेट्रोल की कीमतों में गत एक जुलाई को दो रुपए और डीजल की कीमतों में 50 पैसे की वृद्धि की गई थी.

भारी नुकसान

तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से तेल खरीदनें में उसे काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. साथ ही डॉलर की तुलना में रुपए की कीमतें भी लगातार गिरती जा रही हैं.

तेल कंपनियां हर दो सप्ताह के बाद पेट्रोल की कीमतों की समीक्षा करती है.

जून 2010 के बाद से लागू नए आर्थिक माहौल में सरकारी कंपनियाँ पेट्रोल के दाम बढ़ाने के लिए स्वतंत्र हैं. जबकि डीज़ल की कीमतों पर अभी भी सरकार का नियंत्रण है.

भारत तेल की अपनी 80 प्रतिशत जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है.

तेल कंपनियों का कहना है कि पिछले पखवाड़े के दौरान रुपए डॉलर के मुकाबले 58.94 के स्तर से गिर कर 60.03 के स्तर पर आ गया.

इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल की कीमत 115.29 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 117.19 डॉलर हो चुकी है.

यही वजह है कि उन्हें पेट्रोल को महंगा करना पड़ा है.

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