येरवडा जेल बनी रहेगी संजय दत्त का घर

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पुणे की येरवडा जेल में बंद फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त की क्यूरेटिव पिटीशन ख़ारिज हो गई है.

क्यूरेटिव पिटीशन के तहत किसी शख्स को कोर्ट के सामने अपील का एक अंतिम मौका मिलता है.

क्यूरेटिव पिटीशन ख़ारिज होने के बाद अब संजय दत्त के सामने एक ही रास्ता बचा है कि वह राज्यपाल या राष्ट्रपति के पास अपील कर सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने 1993 के बम धमाकों से जुड़े मामले में संजय दत्त को पाँच साल की सज़ा सुनाई है. जिसमें से वह डेढ़ साल की सज़ा काट चुके हैं.

53 साल के बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त को अवैध रूप से हथियार रखने का दोषी पाया गया था.

सुप्रीम कोर्ट का ताज़ा फ़ैसला आने के बाद संजय दत्त ने टाडा की विशेष अदालत से अपील की थी कि उन्हें पुणे की येरवडा जेल में समर्पण करने की अनुमति दी जाए.

17 मई को संजय दत्त ने अपनी पत्नी मान्यता दत्त, बहन प्रिया दत्त, निर्माता महेश भट्ट समेत क़रीबी दोस्तों के साथ मुंबई के टाडा कोर्ट में समर्पण कर दिया था.

इसके बाद संजय दत्त को 22 मई को सुबह मुंबई के आर्थर रोड जेल से निकालकर पुणे की येरवडा जेल पहुंचाया गया था.