केदारनाथ में हेलिकॉप्टर गिरा, दो की मौत

केदारनाथ में हेलीकॉप्टर गिरा

केदारनाथ के पास एक निजी कंपनी का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया है. इस हादसे में दो लोगों की मौत की ख़बर है. इनमें पायलट भी शामिल है.

हादसा केदार घाटी में गरुड़ चट्टी के पास हुआ. हेलिकॉप्टर केदारनाथ मंदिर में सफ़ाई के लिए मज़दूरों और कर्मचारियों को लेकर जाने के काम में लगा था.

बताया जा रहा है कि ये हेलिकॉप्टर लैंड करने की कोशिश कर रहा था. तभी अचानक खराब हुए मौसम और धुंध के बीच क्रैश हो गया.

गढ़वाल के आयुक्त सुवर्धन ने बीबीसी को बताया, ''ट्रांस भारत नाम की निजी कंपनी का ये हेलिकॉप्टर केदारनाथ से गुप्तकाशी जा रहा था. गरुड़ चट्टी के पास यह गिर गया. मौसम काफ़ी ख़राब है और ख़तरों के बीच जोख़िम लेकर केदारनाथ में सफ़ाई का काम चल रहा है''.

पिछले दिनों उत्तराखंड में भयानक बाढ़ और भूस्खलन के दौरान क़रीब 6000 लोग मारे गए थे. आपदा के क़रीब डेढ़ महीने बीतने के बाद भी अभी तक कई इलाकों में बुनियादी राहत नहीं पहुंच पाई है.

हेलिकॉप्टर क्रैश की तीसरी घटना

Image caption एमआई-17 हेलीकॉप्टर भी केदार घाटी में ही गिरा था. तब हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई थी.

हेलिकॉप्टर क्रैश होने की यह तीसरी घटना है. इससे पहले 26 जून को भारतीय सेना का एमआई-17 हेलिकॉप्टर गौरीकुंड इलाक़े में गिर गया था, जिसमें 20 लोगों की मौत हो गई थी. मारे गए लोगों में चालक दल के सभी सदस्य शामिल थे. हेलिकॉप्टर उत्तराखंड में पिछले दिनों आई भयानक बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत और बचाव कार्य में लगा था.

उत्तरकाशी में पवनहंस का भी एक हेलिकॉप्टर गिरा था हालांकि उस हादसे में किसी की मौत नहीं हुई थी.

ग़ौरतलब है कि मौसम विभाग लगातार चेतावनी जारी कर रहा है कि ख़राब मौसम, बारिश के बीच धुंध छाई रहेगी, जिससे विज़ीबिलिटी काफ़ी कम रहेगी यानी काफ़ी कम दूरी तक दिखाई देगा. इसके बावजूद लगता है कि सरकारी स्तर पर केदारनाथ में सफ़ाई और पूजा शुरू कराने को लेकर कुछ हड़बड़ी है.

पूजा कराने की जल्दी क्यों?

गढ़वाल कमिश्नर सुवर्धन ने भी संकेतों में इस बात को स्वीकार किया कि काफी दबाव में यह काम चल रहा है.

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ऑस्कर फर्नांडीज ने भी देहरादून में इस बात के लिए मुख्यमंत्री की पीठ थपथपाई कि वह केदारनाथ में जल्दी पूजा कराने की तैयारी कर रहे हैं. सवाल उठता है कि क्या लोगों की सुरक्षा से ज़्यादा ज़रूरी धार्मिक आस्था को संतुष्ट करना है? दूसरे, केदारनाथ मंदिर के वैज्ञानिक सर्वेक्षण के बिना वहां सफाई करवाना क्या दूसरी आपदा को न्यौता देना नहीं होगा?

इससे पहले केदारनाथ में सर्वेक्षण के लिए जाने वाली भारतीय पुरातत्व टीम का दौरा अभी तक नहीं हो पाया है. चार दिन तक एएसआई की टीम को हेलिकॉप्टर नहीं मिला, जिसके बाद टीम मंगलवार को टीम दिल्ली लौट आई है.

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